लखनऊ से हिंदी एवं उर्दू में एकसाथ प्रकाशित राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र
ताजा समाचार
कोरोना के 2.56 लाख से अधिक नमूनों की जांच
देश में कुल 1,268 कोरोना टेस्ट लैब
रक्षा मंत्री का लद्दाख दौरा स्थगित
पुतिन 2036 तक बने रहेंगे राष्ट्रपति
श्रमिको के अधिकार रौंदने की कोशिश अनुचित:राहुल
प्रवासी मजदूरों की मौत पर मगरमच्छ के आंसू बहा रहा है केंद्र: चिदम्बरम
जापान में कोरोना संक्रमण के 14000 से अधिक मामले
कोरोना की लड़ाई में ‘सावधानी हटी दुर्घटना घटी’ : मोदी
देश में कोरोना के 768 नये मामले, 36 की मौत
नारी गरिमा और उसके सम्मान की रक्षा के लिए तीन तलाक बिल आवश्यक था
माेदी सरकार से जनता की अपेक्षायें बढ़ी: रामदेव
सुल्तानपुर में फ्लाईओवर का पिलर टेढा होने पर जांच के आदेश
मोदी की टिप्पणी ‘हताशा का चरम’: तृणमूल
बहराइच में पानी के लिये भटका बारहसिंघा, कुत्तों ने नोचा
मलेशिया में नजीब रजाक के घर के आसपास घेराबंदी

राज्य

डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट

मीडिया हाउस, 16/3 'घ',
सरोजिनी नायडू मार्ग, लखनऊ - 226001
फ़ोन : 91-522-2239969 / 2238436 / 40, फैक्स : 91-522-2239967/2239968
ईमेल : dailynewsactivist@yahoo.co.in, dailynewslko@gmail.com
वेबसाइट : http://www.dnahindi.com
ई-पेपर : http://www.dailynewsactivist.com

बिहार से दस रूट पर चलेगी निजी ट्रेन, पटना बनेगा क्लस्टर

बिहार से दस रूट पर चलेगी निजी ट्रेन, पटना बनेगा क्लस्टर

पटना 31 जुलाई (वार्ता)  31 Jul 2020      Email  

पटना 31 जुलाई (वार्ता) :
देश में रेल सुविधाओं का विस्तार करने और रेलवे की क्षमता बढ़ाने के लिए निजी-सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) के तहत संसाधन जुटाने के प्रयास के मद्देनजर पूर्व-मध्य रेलवे (ईसीआर) पटना जंक्शन को क्लस्टर बना कर अलग-अलग दस रूट पर निजी ट्रेनों का परिचालन शुरू करेगा। ईसीआर के महाप्रबंधक ललित चंद्र त्रिवेदी ने गुरुवार को वेबिनार के माध्यम से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश में रेल सुविधाओं का विस्तार और आधारभूत संरचना का विकास करने के लिए सरकार की रेलवे में 12 लाख करोड़ रुपये निवेश की योजना है। संसाधन के रूप में इतनी बड़ी राशि जुटाना पाना किसी एक के लिए कठिन है। इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे में पीपीपी के तहत निवेश जुटाने का मार्ग खोला गया है। उन्होंने बताया कि इसी के तहत ईसीआर ने बिहार से देश के अलग-अलग दस रूट पर निजी ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। ईसीआर के मुख्य सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी राजेश कुमार ने पावर प्वॉइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के माध्यम से इन निजी ट्रेनों के परिचालन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईसीआर ने बिहार से निजी ट्रेनों के परिचालन के लिए पटना को क्लस्टर के रूप चिन्हित किया है। ट्रेनों का परिचालन वर्ष 2023 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। श्री कुमार ने बताया कि इन ट्रेनों में पटना-नयी दिल्ली, गया-आनंद विहार टर्मिनल, पटना-मुंबई, दरभंगा-मुंबई, दरभंगा-गुवाहाटी, पटना-बेंगलुरु, गोरखपुर-मुंबई, पटना-पुणे, आसनसोल-सूरत और आसनसोल-पुरी शामिल हैं। इन रूट पर कुल 20 जोड़ी ट्रेनें चलाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि इन ट्रेनों में पटना-नयी दिल्ली प्रतिदिन, पटना-बेंगलुरु सप्ताह में पाचं दिन, गया-आनंद विहार टर्मिनल सप्ताह में तीन दिन, पटना-मुंबई, गोरखपुर-मुंबई, पटना-पुणे और आसनसोल-पुरी सप्ताह में दो दिन तथा दरभंगा-मुंबई और दरभंगा-गुवाहाटी का परिचान सप्ताह में एक दिन होगा। श्री त्रिवेदी ने कहा कि रेलवे में निजी निवेश आने से माल की लदाई और नये ट्रेनों का परिचालन इतना अधिक बढ़ जाएगा कि लोगों के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के नये अवसरों का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि देश में रेलवे नेटवर्क का जाल बिछाने के लिए रेलवे बोर्ड अलग-अलग राज्य की सरकारों और संस्थाओं के साथ मिलकर भी छोटे-छोटे उद्यम स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है। महाप्रबंधक ने निजी निवेश बढ़ना रेलवे के निजीकरण की शुरुआत तो नहीं के संबंध में पूछे जाने पर कहा, च्च्नहीं, इसे निजीकरण बिल्कुल नहीं कहा जा सकता। यह रेलवे के विकास में अलग-अलग भागीदारों का सहयोग मात्र है। संसाधन की उपलब्धता बढ़ने से रेलवे का न केवल विकास होगा बल्कि लोगों को रोजगार भी मिलेगा।ज्ज् उन्होंने कहा कि देश में विस्तृत ६४ हजार किलोमीटर का रेल नेटवर्क हमेशा रेलवे का ही रहेगा। इसलिए, इसे निजीकरण कहना गलत होगा। श्री त्रिवेदी ने निजी ट्रेनों का परिचालन शुरू होने से किराये में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार किया और कहा कि रेल किराया बढ़ाने की सीमा को पहले ही समाप्त किया जा चुका है। इस पूरी व्यवस्था के नियमन के लिए रेलवे विनियामक प्राधिकारण भी लाया जा रहा है। उन्होंने स्टेशनों का प्रबंधन निजी कंपनियों को सौंपे जाने के संबंध में पूछे गये सवाल के जवाब में कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में भारतीय रेल में प्रतिवर्ष लगभग 40-50 हजार करोड़ का निवेश होता था, जो वर्तमान सरकार के समय में बढ़कर लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है। लक्ष्य इतना ऊंचा है कि ये राशि भी कम पड़ रही है। इसलिए, और अधिक निवेश की आवश्यकता है। 
महाप्रबंधक ने कहा कि रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए ईसीआर भी कई स्टेशनों को चिन्हित कर चुका है। ऐसे निवेशक ढूंढे जा रहे हैं, जिनमें निवेश की क्षमता के साथ-साथ स्टेशन के बेहतर विकास की उत्सुकता भी हो। उन्होंने ट्रेनों के नियमित परिचालन शुरू होने के संबंध में पूछे जाने पर कहा कि इसके लिए रेलवे तैयार है लेकिन जबतक राज्य सरकारों से अनुमति नहीं मिल जाती तबतक ट्रेनों को शुरू कर पाना संभव नहीं है।


Comments

' data-width="100%">

अन्य खबरें

जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी संक्रमित
जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी संक्रमित

यूपी भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के रविवार को कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। उन्होंने ट्वीट कर खुद यह