नई दिल्ली .... सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को पेट्रोल में 20 फीसद एथेनॉल मिलाने की सरकार की ई20 योजना पर सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि पेट्रोल में 20 फीसद एथेनॉल मिलाने का प्रोग्राम अभी भी एक्सपेरिमेंट है। इसका पूरा असर अगले साल तक पता चलेगा।
केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि ई20 पॉलिसी में किसी बदलाव की योजना नहीं है। हालांकि, अलग-अलग कंपनियों को एथेनॉल का आवंटन मांग और उपलब्धता के आधार पर बढ़ाया या घटाया जा सकता है, इसलिए मौजूदा सप्लाई पॉलिसी फिलहाल जारी रहेगी। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है, जिसमें एक कंपनी के एथेनॉल सप्लाई पर पुनर्विचार कर उसे बढ़ाने की मांग पर फैसला लेने को कहा गया था। साथ ही कोर्ट ने इस मामले में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की याचिका पर नोटिस जारी किया है। यह मामला विन्प डिस्टिलरीज एंड शुगर प्राइवेट लिमिटेड की याचिका से जुड़ा है। कंपनी ने कर्नाटक हाईकोर्ट में कहा था कि उसने सिर्फ एथेनॉल बनाने का प्लांट लगाया है। उसकी सालाना क्षमता करीब 9.90 करोड़ लीटर है, लेकिन 2025-26 के लिए उसे सिर्फ 3.92 करोड़ लीटर एथेनॉल सप्लाई का ऑर्डर मिला। जबकि उसने 9.26 करोड़ लीटर की बोली लगाई थी। सरकार की ओर से कहा गया कि पहले ज्यादा आवंटन मिलने का मतलब यह नहीं है कि कंपनी हर बार उतनी ही मात्रा मांग सकती है। अगर उसकी मांग मान ली गई तो सरकार की पूरी नीति बदल जाएगी। हालांकि, कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि कंपनी को पहले की नीति और समझौते के आधार पर यह उम्मीद थी कि उसे पहले की तरह आवंटन मिलेगा।