नई दिल्ली ... ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होते नहीं दिख रही हैं। विधायक और सांसद लगातार उनका साथ छोड़ रहे हैं। इस बीच, उनके सबसे करीबी सांसद कल्याण बनर्जी की भी गुरुवार को नाराजगी सामने आई। उन्होंने कहा कि ममता दीदी को तय करना होगा कि वे मेरे साथ हैं या अभिषेक बनर्जी के साथ। अभिषेक को सीनियर नेताओं का सम्मान करना नहीं आता। वह बहुत अहंकारी हैं। इसी वजह से पार्टी बर्बाद हुई है।
उन्होंने कहा, अगर ममता दीदी को अभिषेक बनर्जी पर ही निर्भर रहना है, तो उनके साथ रहें और मुझे छोड़ द। अगर उनसे अलग रास्ता चुनती हैं, तो मैं ममता दीदी के साथ हूं। कल्याण की नाराजगी की वजह भ्रूष्ट का फर्जी साइन केस है। उन्होंने बताया, ‘मुझे आधी रात को बताया गया कि इस केस से जुड़े वकील बदल दिए गए हैं। इनमें मैं भी था। यह अपमानजनक है।’ इधर, टीएमसी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। पिछले चार दिनों में 13 में से तीन राज्यसभा सांसद ममता को छोड़कर जा चुके हैं। 10 जून को सुष्मिता देव ने रिजाइन किया था। 8 जून को सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा सदस्यता और पार्टी छोड़ी थी। इससे पहले टीएमसी की बागी सांसद काकोली घोष ने दावा किया था कि 20 लोकसभा सांसद अलग गुट बना चुके हैं।
वहीं, बंगाल के 80 में से 58 टीएमसी विधायक अलग गुट बना चुके हैं। इस्तीफे के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रकाश चिक ने कहा- पश्चिम बंगाल में लोगों का फैसला भाजपा के पक्ष में था। पार्टी ने वहां सरकार बनाई। मेरे अपने चुनाव क्षेत्र में हम एक भी सीट नहीं जीत पाए।
उत्तर बंगाल में भी नतीजे अच्छे नहीं रहे। इस जनादेश को देखते हुए मुझे लगा कि अब मेरे पद पर बने रहना ठीक नहीं है। इसलिए, मैंने अपने पद और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया। आगे इंतजार कीजिए, समय के साथ सब सामने आएगा। मैं अभी बूढ़ा नहीं हूं। भविष्य में मैं क्या करूंगा, यह समय ही तय करेगा।