नई दिल्ली .... ओमान के तट के पास गुरुवार को भारतीय क्रू वाले जहाज रूभ् जलवीर पर हमला हुआ है। हमले के बाद इस पर आग लग गई है। हमला किसने किया, इसकी जानकारी नहीं मिली है। घटना के बाद भारतीय दूतावास ने कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और हालात पर नजर रखे हुए हैं। इससे पहले होर्मुज स्ट्रेट के पास बुधवार को तेल टैंकर ‘एमटी सेत्तेबेल्लो’ पर हुए अमेरिकी हमले में 3 भारतीयों के मौत की पुष्टि हो गई है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि अब तक दो के शव बरामद कर लिए गए हैं।
इसे लेकर अमेरिकी सेना ने कहा था कि सेत्तेबेल्लो ईरानी तेल ले जा रहा था। उसने चेतावनियों की अनदेखी की, जिसके बाद उस पर हमला किया गया। यह इस हफ्ते दूसरा मामला है जिसमें भारतीय क्रू वाले जहाज पर अमेरिका ने अटैक किया है। इससे पहले सोमवार को अमेरिका ने तेल टैंकर द मैरिवेक्स पर हमला किया था। उस जहाज पर भी 24 भारतीय नाविक सवार थे और सभी को ओमान की सेना ने सुरक्षित बचा लिया था। चीन ने मिडिल ईस्ट में चल रही सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने की अपील की है। अमेरिका के ईरान पर हमले और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के बीच चीन ने सभी पक्षों से संयम बरतने को कहा है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि सभी संबंधित पक्ष तुरंत सैन्य कार्रवाई बंद करें और बातचीत के रास्ते पर लौटें। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता की कोशिशों का समर्थन किया जाना चाहिए ताकि जल्द से जल्द स्थायी युद्धविराम हो सके। ईरान ने अमेरिका के हालिया हमलों की कड़ी आलोचना की है। उसका कहना है कि इन हमलों की वजह से 8 अप्रैल से लागू युद्धविराम का कोई मतलब नहीं रह गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन किया है। मंत्रालय के मुताबिक, किसी भी देश की सीमा और संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए। ईरान ने कहा कि वह अपने ऊपर होने वाले हमलों का जवाब देने के लिए जरूरी कदम उठाएगा और अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। साथ ही ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों से अपील की है कि वे अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई का विरोध करें। उसका कहना है कि अगर दुनिया चुप रही तो हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं।