नई दिल्ली ... भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात कर खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध जताया। इस कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने रुबियो से कहा है कि कॉमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने वाली ऐसी घातक कार्रवाई किसी भी तरह से उचित नहीं है।
इस सप्ताह ओमान तट के पास भारतीय क्रू मेंबर वाले तीन जहाज हमले का शिकार हुए थे। इनमें से एक हमले में 10 जून को तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। इस मामले पर भारत ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को तलब कर औपचारिक विरोध भी दर्ज कराया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जल्द ही ईरान और ओमान एक संयुक्त बयान जारी करेंगे। अराघची के मुताबिक, अमेरिका के साथ प्रस्तावित समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट पहले की तरह नहीं चलेगा। यहां जहाजों की आवाजाही के लिए नए नियम लागू किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान जहाजों से टोल टैक्स नहीं वसूलेगा, लेकिन कुछ सेवाओं के बदले चार्ज लिया जा सकता है। ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन को लेकर एक नया विधेयक तैयार किया जा रहा है। इसमें इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के नियम और ईरानी जनता के अधिकारों से जुड़े प्रावधान शामिल होंगे।
ईरान ने यूरेनियम छुपाया, सुरंगें बंद कर विस्फोटक माइंस बिछाईं : अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की चर्चा के बीच एक रिपोर्ट सामने आई है। इसमें दावा किया गया है कि ईरान ने अपने इस्फहान परमाणु केंद्र में रखे हाइली एनरिच्ड यूरेनियम के स्टॉक को और सुरक्षित कर दिया है। इसके अलावा अंदर जाने वाले रास्तों पर विस्फोटक माइंस भी बिछा दी गई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की चर्चाओं के बीच ईरान के कट्टरपंथी खेमे ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने का विरोध किया है।