नई दिल्ली .. जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि एलएसी पर शांति बनाए रखने के लिए लगातार सतर्कता, मजबूत सैन्य तैयारी और बातचीत बेहद जरूरी है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सेना की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया और कहा कि इस अभियान ने सेना की संयुक्त, एकीकृत और भविष्य के युद्धों के लिए तैयार क्षमता को साबित किया है। इसके साथ ही उन्होंने अग्निपथ योजना, आत्मनिर्भरता और सेना के आधुनिकीकरण पर भी विस्तार से अपनी बात रखी। जनरल द्विवेदी ने कहा कि 2024-25 के दौरान भारत और चीन के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई सकारात्मक घटनाक्रम हुए हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन, सैन्य वार्ता और संवाद की प्रक्रिया लगातार जारी है। कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली, सीमा व्यापार को दोबारा शुरू करने पर सहमति और सैन्य वार्ताओं की बढ़ती संख्या से संबंधों में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटने के संकेत मिले हैं।