नई दिल्ली .... मानूसन सत्र से एक दिन पहले रविवार को संसद भवन के एनेक्सी बिल्डिंग में सर्वदलीय बैठक हुई। 3 घंटे चली मीटिंग की अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने की। मीटिंग में कांग्रेस, सपा, टीएमसी, ष्ठरू्य सहित 40 दलों के नेता शामिल हुए। हालांकि बैठक के बीच विपक्ष ने सांकेतिक वॉकआउट किया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने भ्रूष्ट के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में क्यों बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने उनके गुट को अभी तक मान्यता नहीं दी है।
उधर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बैठक के बाद कहा कि, मीटिंग में अच्छी चर्चा हुई। सबने अपनी बात रखी। सदन बिना रुकावट चले, यह हम सभी की जिम्मेदारी है। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी। सोमवार को अमित शाह राज्यसभा में वंदे मातरम से जुड़ा बिल पेश करेंगे। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, जेएमएम, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, वामपंथी दलों और शिवसेना (यूबीटी) समेत पूरे विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक का वॉकआउट किया है।
उन्होंने कहा कि टेबल ऑफिस की लिस्ट में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की सदस्य संख्या 28 दिखाई गई है, जबकि एनसीपीआई नाम की एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी के 20 बागी सांसदों के विलय को स्पीकर ने मंजूरी नहीं दी है और उनकी अयोग्यता की याचिकाएं अभी लंबित हैं।
महुआ ने सवाल उठाया कि 91वें संशोधन के बाद जब किसी अलग गुट की गुंजाइश ही नहीं है, तो संसदीय कार्य मंत्री ने इन 20 बागी सांसदों को किस आधार पर न्योता दिया? इसी के विरोध में पूरे विपक्ष ने बैठक का बहिष्कार किया है। टीएमसी के बागी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय संसद के मॉनसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के लिए संसद एनेक्सी बिल्डिंग पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह आज एक नई राजनीतिक पार्टी, एनसीपीआई (नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया) के नेता के तौर पर इस बैठक में शामिल हो रहे हैं। टीएमसी के बागी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय संसद के मॉनसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के लिए संसद एनेक्सी बिल्डिंग पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह आज एक नई राजनीतिक पार्टी, एनसीपीआई(नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया) के नेता के तौर पर इस बैठक में शामिल हो रहे हैं।
एनसीपीआई के 20 लोकसभा सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को हस्ताक्षरित आवेदन देकर नए दल के रूप में मान्यता और संसद में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है। यह मामला स्पीकर के विचाराधीन है। जब मामला स्पीकर के पास है और 20 सांसदों का समूह मौजूद है, तो उन्हें सर्वदलीय बैठक में कैसे नहीं बुलाया जा सकता? लोकसभा सभी की है। सरकार का दायित्व है कि वह सभी दलों से बातचीत करे।
ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले टीएमसी के 20 बागी सांसदों को शनिवार को लोकसभा में अलग बैठने की मंजूरी मिल गई। 15 जून को तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) से विलय कर लिया था। हालांकि विपक्ष का कहना है कि इस गुट को स्पीकर ने अभी मान्यता नहीं दी है।
उधर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों को मंजूरी दे दी है। 22 जून को उद्धव का साथ छोड़कर 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। ये सांसद भी अब शिंदे गुट के साथ संसद में बैठेंगे।