नई दिल्ली .... राजधानी में विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने को लेकर सोमवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार को अहंकार छोड़कर उनसे बात करनी चाहिए तथा संसद में भी नीट पेपर लीक के मामले पर चर्चा करनी चाहिए।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद देश के बच्चों की है और किसी की जागीर नहीं है। संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, देश के बच्चे हैं, देश के भविष्य हैं। यह संसद उनकी है, किसी की जागीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े मुद्दों पर चर्चा से भाग रही है और छात्रों पर आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं तथा उनकी पिटाई की जा रही है। प्रियंका गांधी ने कहा, कई समस्याएं, बड़े-बड़े मुद्दे हैं, उन पर चर्चा के लिए (सरकार) राजी नहीं है। बच्चों पर आंसू गैस के गोले दाग रहे हैं और उनकी पिटाई कर रहे हैं। किस लिए? ये बच्चे हैं हमारे। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लंबे समय से शिक्षा से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर लोगों की चिंताओं के प्रति ‘पूरी तरह असंवेदनशील’ होने का आरोप लगाया और कहा कि देशभर में अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की न्यूनतम मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तथा नीट और सीबीएसई की परीक्षा प्रणालियों पर चर्चा शामिल है। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर से ‘चंदा चोरी’ के मुद्दे ने भगवान राम के भक्तों की भावनाओं को आहत किया, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है और लोकसभा अध्यक्ष विपक्ष को इन्हें संसद में उठाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि नीट छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और प्रदर्शनकारियों के साथ उचित व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आंसू गैस का प्रयोग, लाठीचार्ज और पथराव कर रही है। सपा सांसद डिंपल यादव और पार्टी के कई अन्य सांसद संसद से मार्च करते हुए विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बने। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एम ए बेबी, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और कई अन्य विपक्षी नेता विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बने।