नई दिल्ली .... नीट पेपर लीक मामले को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर में पिछले 36 दिनों से चल अपने आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने खत्म करने का ऐलान किया है। साथ ही आंदोलन से जुड़े छात्रों से अपने घर लौटने की अपील की। शनिवार को केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ कॉन्सि्टट्यूशन क्लब में वार्ता के बाद सीजेपी प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार ने उनकी सभी मांगों को मान लिया है। जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, केस वापस लेने और नीट पीड़ितों को एक करोड़ मुआवजा देने की मांग शामिल थी।
केंद्र सरकार की ओर से सभी मांगों को मान लिए जाने के बाद सीजेपी प्रतिनिधि सौरभ दास व आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में शनिवार को कॉन्सि्टट्यूशन क्लब में पत्रकारों से चर्चा में यह जानकारी दी। इस दौरान सीजेपी प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों की जिक्र किया और बताया कि सरकार ने सभी मांगे मान ली। इसके साथ ही उन्होंने तत्काल प्रभाव से आंदोलन खत्म करने का एलान किया। सीजेपी ने सरकार को पांच बिंदुओं वाला एक चार्टर भी सौंपा है। जिसके अमल को लेकर चार हफ्ते के बाद फिर से चर्चा करने को लेकर दोनों के बीच सहमति जताई गई है। सीजेपी के चार्टर के मुताबिक एनटीए को भंग करने और एक स्वायत्त नेशनल टेस्टिंग कमीशन बनाया जाए। जहां स्थाई स्टाफ हो। कैग से हर साल उसके वित्तीय व प्रदर्शन की ऑडिट करायी जाए। एसएससी को भी कमीशन का कानूनी दर्जा दिया जाए। अधिसूचना के एक साल के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए। पेपर लीक या परीक्षा रद होने आदि पर प्रत्येक छात्र को दस हजार का मुआवजा दिया जाए। नीट का पाठ्यक्रम तय करने में राज्यों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए।
जेपी नड्डा बोले, सरकार ने सीजेपी की मांगों को मान लिया : केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सीजेपी की जो मांगों थी उन्हें मान लिया गया है। इनमें जो अहम मांग थी, वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही पांच बिंदुओं के प्रस्ताव भी दिया है, हमने परीक्षा सुधार के दौरान इस पर चिंतन करने का आश्वासन दिया है। जिसकी जानकारी बाद में उन्हें देंगे। मेरा निवेदन है कि प्रदर्शनकारी अपना आंदोलन खत्म करें।