नई दिल्ली .... केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने सीमा सुरक्षा बल के जवानों को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल में बीएसएफ और एसएसबी को 1,129 एकड़ जमीन दिए जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर यह कदम उठाया गया और इसकी वजह बीजेपी सरकार होना नहीं, बल्कि घुसपैठ के खतरे को समझना है। अमित शाह ने जोर देकर कहा कि घुसपैठ पर रोक लगाए बिना न तो पश्चिम बंगाल और न ही भारत को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सकता है।
अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सरकार बनने के महज 45 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सीमा सुरक्षा बल और सशस्त्र सीमा बल के लिए 1,129 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। उन्होंने इसे सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया। गृह मंत्री ने कहा कि इस काम में दिखाई जा रही तेजी की वजह केवल यह नहीं है कि राज्य में बीजेपी की सरकार है। उनके मुताबिक, इसके पीछे घुसपैठ के खतरे को लेकर गंभीर समझ और उसे रोकने की प्रतिबद्धता है। अमित शाह ने कहा कि जब तक घुसपैठ पर पूरी तरह रोक नहीं लगती, तब तक पश्चिम बंगाल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि घुसपैठ रुकना जरूरी है, क्योंकि इसके बिना न तो पश्चिम बंगाल सुरक्षित होगा और न ही भारत। सशस्त्र सीमा बल के जवानों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने सीमा सुरक्षा और घुसपैठ रोकने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक और सीमाई सुरक्षा के लिए सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वह हमेशा मानते हैं कि खुली सीमा की सुरक्षा करने वाले स्स्ख् जवानों का काम सबसे कठिन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से सिलिगुड़ी कॉरिडोर के महत्व को पहचाना है। यह एक संवेदनशील कॉरिडोर है, जो 8 राज्यों को जोड़ता है और जहां नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की तीन अंतरराष्ट्रीय सीमाएं मिलती हैं।