लखनऊ से हिंदी एवं उर्दू में एकसाथ प्रकाशित राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र
ताजा समाचार

समाचार विवरण

डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट

मीडिया हाउस, 16/3 'घ', सरोजिनी नायडू मार्ग, लखनऊ - 226001
फ़ोन : 91-522-2239969 / 2238436 / 40,
फैक्स : 91-522-2239967/2239968
ईमेल : dailynewslko@gmail.com
ई-पेपर : http://www.dailynewsactivist.com

दिल्ली ब्लास्ट : आतंकी मॉड्यूल में मुजम्मिल करता था रिकू्रटमेंट
दिल्ली ब्लास्ट : आतंकी मॉड्यूल में मुजम्मिल करता था रिकू्रटमेंट
एजेंसी    20 Nov 2025       Email   

नई दिल्ली ... फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में चल रहे आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी कुछ नई जानकारियां सामने आई हैं। इस मॉड्यूल से जुड़े सभी प्रमुख डॉक्टरों की ड्यूटी तय थी। आतंक का नेटवर्क खड़ा करने में डॉ. मुजम्मिल शकील की अहम भूमिका रही है, जो लोगों को शॉर्टलिस्ट करने के बाद रिक्रूट करता था। नए लोगों को शामिल करने के बाद डॉ. शाहीन सईद और डॉ. उमर नबी उनकी आर्थिक मदद करते और ब्रेनवॉश करते थे। मुजम्मिल यह काम मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों के घर मदद के बहाने जाकर करता था। 
अस्पताल के जिन कर्मचारियों के नाम इस नेटवर्क में शामिल हैं, उनके परिवार वालों ने खुलासा किया है कि मुजम्मिल इलाज या किसी अन्य बहाने उनके घर आया था। यूं तो मुजम्मिल यूनिवर्सिटी के इमरजेंसी वार्ड का सर्जन था, लेकिन पर्दे के पीछे उसकी भूमिका आतंकी मॉड्यूल में मदद करने वालों की टीम खड़ी करना था। वह यूनिवर्सिटी के अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और अस्पताल में काम करने वाले लोगों पर नजर रखता था। ज़रूरत पड़ने पर वह इलाज या अन्य तरीकों से लोगों से संपर्क करता और उनके घर की जानकारी जुटा लेता था। जांच एजेंसियों ने धौज गांव के शोएब को हिरासत में ले रखा है। शोएब को मई 2024 में यूनिवर्सिटी में वार्ड बॉय की नौकरी मिली थी, जिसमें उसे 8 हजार रुपए महीना पगार मिलती थी। शोएब के पिता शोहराब ने दैनिक भास्कर एप की टीम को बताया कि करीब एक साल पहले मेडिकल विंग में शोएब डॉ. मुजम्मिल के संपर्क में आया था। परिवार में किसी के बीमार होने पर शोएब उससे फोन पर बात करके दवाई पूछ लेता था। कुछ महीने पहले डॉ. मुजम्मिल उनके घर पर भी आया था। शोएब के जरिए आस-पड़ोस में कोई बीमार होता था तो वह मुजम्मिल से अस्पताल में आसानी से इलाज करवा देता था, जिसके कारण शोएब और डॉ. मुजम्मिल के गहरे संबंध बन गए थे। शोएब से अस्पताल में काम करने वाले स्टाफ की घर तक की जानकारी ली जाती थी।
काम के बहाने दोस्ती
धौज के ही रहने वाले साबिर को हृढ्ढ्र और जम्मू पुलिस ने इस नेटवर्क में शामिल होने के चलते हिरासत में लिया है। साबिर की गांव में मोबाइल की दुकान है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, करीब 8 महीने पहले डॉ. मुजम्मिल अपनी मोबाइल रिपेयरिंग के लिए साबिर की दुकान पर गया था, जहां उनकी पहचान हुई। इसके बाद डॉ. मुजम्मिल कई बार धौज गया और उसकी दुकान पर जाता था। यूनिवर्सिटी में डॉक्टर होने के कारण साबिर की उससे अच्छी दोस्ती हो गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कश्मीरी छात्रों के लिए सिम यहीं से खरीदी जाती थी। 
गांव धौज के ही रहने वाले बाशिद को भी पुलिस ने इस नेटवर्क में शामिल होने के कारण पकड़ा है। बाशिद ने दिल्ली विस्फोट के बाद डॉ. उमर नबी की लाल रंग की ईको स्पोर्ट्स कार को अपनी बहन के घर छिपाया था। बाशिद की मुलाकात डॉ. मुजम्मिल से अस्पताल में अपने पिता का इलाज कराने के दौरान हुई थी। बाशिद के पिता का लंबे समय तक इलाज चला और इसी दौरान डॉ. मुजम्मिल का उसके घर आना-जाना शुरू हो गया। घर के हालात को भांपने के बाद डॉ. मुजम्मिल ने उसे अपनी टीम का हिस्सा बनाने का लक्ष्य रखा। बाद में डॉ. शाहीन और उमर ने उसे मेडिसन डिपार्टमेंट में ही क्लर्क की नौकरी दिलवा दी। इसके बाद बाशिद से गाड़ी चलवाने और सामान इधर-उधर करने का काम लिया गया।
आर्थिक जरूरत पूरी की 
मुजम्मिल ने यूनिवर्सिटी की मस्जिद के इमाम मोहम्मद इश्तियाक को अपनी टीम का सदस्य बनाया। मस्जिद में मुलाकात के बाद डॉक्टर उसके बच्चों का इलाज करने के लिए घर तक पहुंच गया। इस दौरान इमाम के घर से दूध लेना भी शुरू कर दिया। उसने यूनिवर्सिटी से कुछ दूरी पर मदरसा बनाने और वहां सबमर्सिबल लगाने के लिए पैसे भी दिए। इमाम को भरोसे में लेकर, बिना किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराए, गांव में उसका कमरा किराए पर लिया, जिसमें से 2593 किलो विस्फोटक सामग्री मिली थी।
लड़कियों को शामिल करने का प्लान
डॉ. शाहीन ने अपनी टीम में लड़कियों को शामिल करने का भी प्लान तैयार किया था, जिसके तहत उसने कुछ लड़कियों की लिस्ट भी बनाई थी, जिसका जिक्र उसकी डायरी में भी है। इसके अलावा, किसको कितने पैसे की मदद करनी है, इसका फैसला भी डॉ. शाहीन और उमर नबी मिलकर ही करते थे। शाहीन लड़कियों की टीम बनाने में कामयाब नहीं हुई और उसने टीम बनाने की जिम्मेदारी डॉ. मुजम्मिल को सौंप दी।






Comments

अन्य खबरें

बेंगलुरु-विजयवाड़ा एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे में 29 किमी सड़क बनी
बेंगलुरु-विजयवाड़ा एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे में 29 किमी सड़क बनी

नई दिल्ली .... एनएचएआई ने आंध्र प्रदेश में बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा इकोनॉमिक कॉरिडोर पर दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं। राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड ने 24 घंटे में 28.95 (14.5 किमी डबललेन)

लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का प्रमुख सदस्य अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का प्रमुख सदस्य अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित

नयी दिल्ली... लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का भगोड़ा और प्रमुख सदस्य अमन उर्फ अमन कुमार भैंसवाल, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा विदेश मंत्रालय (एमईए) और इंटरपोल की मदद से अमेरिका से भारत लाया

भारतीय रेलवे 2030 तक 48 प्रमुख शहरों में ट्रेनों की शुरुआती क्षमता को दोगुना करेगी
भारतीय रेलवे 2030 तक 48 प्रमुख शहरों में ट्रेनों की शुरुआती क्षमता को दोगुना करेगी

नई दिल्ली .... देश में रेल यात्रियों की संख्या में निरंतर और तीव्र वृद्धि को देखते हुए भारतीय रेल द्वारा प्रमुख शहरों से संचालित होने वाली कोचिंग ट्रेनों की हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने के लिए एक व्यापक और

यूएई से वांछित भगोड़े रितिक बजाज को भारत लाया गया
यूएई से वांछित भगोड़े रितिक बजाज को भारत लाया गया

नयी दिल्ली.... केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से वांछित भगोड़े अपराधी रितिक बजाज को इंटरपोल की सहायता से वापस लेकर यहां पहुंची। सीबीआई ने आज यह जानकारी दी है।