नयी दिल्ली .... प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में सुधारों की गति बनाए रखने तथा परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए ’प्रगति’ पहल को जरुरी बताते हुए कहा है कि पिछले दशक में इससे 85 लाख करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करने में मदद मिली।
श्री मोदी ने बुधवार को यहां प्रो-एक्टिव गवर्नेंस और समय पर कार्यान्वयन के लिए मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म ’प्रगति’ की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पाँच राज्यों की सड़क, रेलवे, बिजली, जल संसाधन और कोयला सहित विभिन्न क्षेत्रों की पाँच महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की समीक्षा की गई जिनकी कुल लागत 40,000 करोड़ रुपए से ज़्यादा है।
पी एम श्री योजना की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने ज़ोर दिया कि इसे समग्र और भविष्य के लिए तैयार स्कूली शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय बेंचमार्क बनाया जाना चाहिए । उन्होंने सभी मुख्य सचिवों से योजना की बारीकी से निगरानी करने को कहा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पी एम श्री स्कूलों को राज्य सरकार के अन्य स्कूलों के लिए बेंचमार्क बनाने के प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने प्रगति को पिछले एक दशक में शासन की संस्कृति में भारत द्वारा देखे गए बड़े बदलाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जब फैसले समय पर लिए जाते हैं, तालमेल असरदार होता है, और जवाबदेही तय होती है, तो सरकारी कामकाज की गति अपने आप बढ़ जाती है और इसका असर सीधे नागरिकों के जीवन में दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि 2014 से प्रगति के तहत 377 परियोजनाओं की समीक्षा की गई है और इनमें पहचाने गए 3,162 मुद्दों में से 2,958 - यानी लगभग 94 प्रतिशत - हल किए गए हैं, जिससे देरी, लागत में बढ़ोतरी और तालमेल की विफलता में काफी कमी आई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है प्रगति की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि सुधार की गति को बनाए रखने और डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए यह पहल ज़रुरी है।