नयी दिल्ली .... भारत और संयुक्त अरब अमीरात की सेनाओं के बीच 'डेज़र्ट साइक्लोन' संयुक्त अभ्यास अल-हमरा ट्रेनिंग सिटी में समापन समारोह के साथ संपन्न हो गया।
सेना ने बुधवार को बताया कि 18 दिसम्बर को शुरू हुआ सैन्य अभ्यास मंगलवार को पूरा हो गया। भारत–यूएई संयुक्त सैन्य अभ्यास के दूसरे संस्करण से दोनों देशों के बीच मजबूत होते रक्षा सहयोग की पुष्टि के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा एवं स्थिरता के प्रति उनकी साझा प्रतिबद्धता भी देखने को मिली।
इस अभ्यास में कक्षा आधारित और क्षेत्रीय प्रशिक्षण का सुव्यवस्थित तालमेल था जिसका उद्देश्य शहरी स्थितियों में अंतर-संचालन क्षमता, पारस्परिक विश्वास और संचालन समन्वय को बढ़ाना था। प्रशिक्षण में संयुक्त राष्ट्र की व्यवस्था के अनुरूप उप-पारंपरिक अभियानों पर विशेष ध्यान दिया गया। संयुक्त गतिविधियों में शहरी युद्ध की मूलभूत तकनीक, भवनों की पहचान एवं सफाई, आईईडी जागरूकता, हताहतों की निकासी, प्राथमिक उपचार तथा विस्तृत मिशन योजना शामिल थी।
सैनिकों ने निर्मित क्षेत्रों में क्रमिक व्यावहारिक अभ्यास किए, जिनमें हेलिबोर्न ऑपरेशन, एयर असॉल्ट और प्लाटून स्तर के संयुक्त आक्रमण अभ्यास शामिल थे। इससे रणनीतियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं का मानकीकरण संभव हुआ। प्रशिक्षण का समापन एकीकृत आक्रामक और रक्षात्मक शहरी अभियानों के साथ हुआ, जिसमें समन्वित कार्रवाई और संयुक्त परिचालन तत्परता का प्रदर्शन किया गया।
भारतीय दल में 45 सैनिक शामिल थे जो मुख्य रूप से मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से थे, जबकि यूएई सेना का प्रतिनिधित्व 53 मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री बटालियन ने किया। इस अभ्यास ने दोनों सेनाओं के बीच पेशेवर संबंधों को और मजबूत किया तथा भविष्य के बहुराष्ट्रीय अभियानों के लिए अंतर-संचालन योग्य क्षमताओं के विकास में योगदान दिया।