लखनऊ/अयोध्या....रामलला की प्रतिष्ठा द्वादशी बुधवार को धूमधाम से मनाई गई। दो वर्ष पूर्व आज ही के दिन ही रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। इस अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला का अभिषेक किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सियावर रामचंद्र की जयघोष के साथ अपना संबोधन शुरू किया। इस मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा कि आज इस पावन भूमि पर आकर मैं बहुत अभिभूत हूं। आज मुझे सब कुछ मिल गया। आज से दो वर्ष पूर्व प्रभु श्रीराम 500 वर्षों के इंतजार के बाद भव्य मंदिर में विराजमान हुए थे। रामलला का यह मंदिर हजारों वर्षों तक भगवान श्रीराम के जीवन का गुणगान करता रहेगा। राम मंदिर बनना दुनिया के ग्रैंड नैरेटिव में से एक है। राम मंदिर से बड़ा आंदोलन, दुनिया में दूसरा आंदोलन नहीं हुआ। आज हमारे ध्वज समंदर पार भी गगन से बातें कर रहे हैं।
अयोध्या में धर्म की ध्वजा लहरा रही है। आज डबल इंजन की सरकार के नेतृत्व में अयोध्या ंआगे बढ़ रही है। सोलर सिटी, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ अयोध्या विकास की अग्रिम पंक्ति में खड़ा है। धर्म, कर्तव्य, नीति और मर्यादा के कोई साक्षात स्वरूप हैं तो वह हमारे राम हैं। राम धर्क के रक्षक ही नहीं धर्म के अनुशीलक भी हैं। राम वह चेतना है जो मनुष्य को मनुष्य बनाए रखती है। जहां किसी ने आखिरी आशा छोड़ी नहीं, वहां राम हैं। राम की चर्चा करते हुए रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि राम की मर्यादा हमारी पहचान है। राम शत्रु से युद्ध करते हुए भी अपनी मर्यादा नहीं लांघते नहीं हैं। कहा कि रक्षामंत्री होने के नाते आपरेशन सिंदूर की जरूर चर्चा करना चाहूंगा। आपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने भी मर्यादा का पालन किया। हमने आतंकियों और उनके आकाओं को सबक सिखाया। हमने अंधाधुंध नहीं बल्कि सीमित और नियंत्रित कार्रवाई की। आपरेशन सिंदूर ने साबित किया कि भारत, राम का असली उत्तराधिकारी है। भगवान राम के अलावा सीतामढ़ी में माता जानकी का भी भव्य मंदिर बनाने के लिए हम आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी लगातार इसकी जानकारी लेते रहते हैं।