नयी दिल्ली... पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने मंगलवार को भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ बयानबाजी तेज करते हुए दोनों देशों को पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने की चुनौती दी है।
पाकिस्तानी सेना के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक ने कई भारतीय सोशल मीडिया खातों और टेलीविजन क्लिप का सार्वजनिक रूप से नाम लेते हुए आरोप लगाया कि ये खाते और क्लिप पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना बनाने के लिए एक समन्वित अभियान के हिस्से के रूप में 'रॉ एजेंटों' द्वारा चलाए जा रहे थे।
आईएसपीआर महानिदेशक ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "पाकिस्तान में ऊपरवाले ने बड़ी बरकत दी है, तुम्हें जो करना है कर लो। दाएं से आओ, बाएं से आओ, ऊपर से आओ या नीचे से आओ। अकेले आओ या इकट्ठे आओ, अगर एक बार मज़ा न करा दिया तो पैसे वापस।"
श्री चौधरी ने कहा, "वर्ष 2026 कैसा होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कैसे खड़े होते हैं, हम कैसे प्रतिक्रिया देते हैं। हमारे प्रतिद्वंद्वी की इच्छा स्पष्ट है। भारत आपके अस्तित्व को स्वीकार नहीं करेगा। वह कह रहा है कि मेरे दुश्मन का दुश्मन मेरा दोस्त है।"
इस बीच, तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने श्री चौधरी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता के हाव-भाव एक जिम्मेदार सैन्य कार्यालय से अपेक्षित बयानों के विपरीत थे।
श्री मुजाहिद ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "अफगानिस्तान ऐसे गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ बयानों की कड़े शब्दों में निंदा करता है और पाकिस्तान के संबंधित संस्थानों से मांग करता है कि वे आधिकारिक रुख के दायरे से बाहर न निकलें। अफगानिस्तान के खिलाफ निराधार प्रचार के बजाय, अपने आंतरिक मुद्दों को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित करें।"
प्रवक्ता ने कहा कि अफगानिस्तान एक संप्रभु और स्थिर देश है, जिसके पास एक मजबूत सुरक्षा ढांचा और आधिकारिक नेतृत्व है और यह अपने पूरे क्षेत्र पर पूर्ण संप्रभुता रखता है।
श्री मुजाहिद की पोस्ट में कहा गया है, "हम स्पष्ट शब्दों में कहना चाहते हैं कि अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और धमकी भरे बयान अफगान राष्ट्र को किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं हैं। अफगानिस्तान पाकिस्तान के संबंधित संस्थानों से अपील करता है कि वे दोनों देशों के बीच संबंधों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए एक जिम्मेदार दृष्टिकोण और गंभीर बयान अपनाएं।"