नई दिल्ली .... ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर हमला हुआ, तो इसे ईरान के खिलाफ जंग माना जाएगा।
पजशकियान ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि किसी भी हमले का कठोर और पछतावे वाला जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के लोगों की जिंदगी में मुश्किलें हैं, तो इसकी एक बड़ी वजह अमेरिका और उसके सहयोगियों के लगाए हुए प्रतिबंध हैं। पजशकियान की यह प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों के बाद आई है। ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्याएं या फांसी जारी रहीं, तो अमेरिका दखल दे सकता है। ईरान में 28 दिसंबर से जारी हिंसक प्रदर्शन में अब तक 5,000 लोगों की मौत हो गई है। इनमें करीब 500 सुरक्षाकर्मी शामिल है। एक ईरानी अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर रॉयटर्स को यह जानकारी दी है। ट्रम्प ने 15 जनवरी को बताया था कि हत्याएं अब कम हो रही हैं। व्हाइट हाउस ने भी दावा किया कि ट्रम्प के दबाव के बाद ईरान ने 800 लोगों की फांसी की योजना रोक दी है। संयुक्त राष्ट्र की सहायक महासचिव मार्था पोबी ने परिषद को बताया कि ये प्रदर्शन तेजी से फैले। इसमें काफी जान-माल का नुकसान हुआ है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, अब तक 3,428 प्रदर्शनकारियों को मार डाला गया, जबकि 18,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं कर सका है। ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने रविवार को कहा है कि वह जल्द ईरान लौटेंगे और देश का नेतृत्व करेंगे। पेरिस से जारी किए एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, आज ईरान में लड़ाई कब्जे और आजादी के बीच है। ईरानी जनता ने मुझे नेतृत्व के लिए बुलाया है। मैं ईरान लौटूंगा। पहलवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ङ्ग पर कहा कि वह एक ‘मुक्त ईरान’ का सपना देखते हैं, जो इस्लामिक रिपब्लिक की नीतियों से पूरी तरह अलग होगा। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य शांति, समृद्धि और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की ओर लौटना है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान में लोकतांत्रिक सरकार बनती है तो देश अपना परमाणु सैन्य कार्यक्रम खत्म करेगा, आतंकी संगठनों को समर्थन बंद करेगा और अमेरिका के साथ संबंध सामान्य करेगा। पहलवी ने यह भी कहा कि एक मुक्त ईरान इजराइल को मान्यता देगा और मध्य-पूर्व में स्थिरता लाने वाली ताकत बनेगा।