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गरीब बच्चों का प्रवेश देने से बचने निजी स्कूल दिखा रहे कम संख्या- जोगी

गरीब बच्चों का प्रवेश देने से बचने निजी स्कूल दिखा रहे कम संख्या- जोगी

रायपुर 18 जुलाई(वार्ता)  18 Jul 2019      Email  

रायपुर 18 जुलाईजनता कांग्रेस सदस्य पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने आज विधानसभा में शिक्षा के अधिकार(आरटीई) के तहत गरीब बच्चों का प्रवेश रोकने के लिए निजी स्कूलों द्वारा के.जी एवं कक्षा एक में बहुत कम बच्चे दिखाने की तरफ सरकार का ध्यान आकृष्ट किया।

श्री जोगी ने प्रश्नोत्तरकाल में कहा कि आरटीई के तहत गरीब बच्चों का प्रवेश रोकने के लिए निजी स्कूलों द्वारा शिशु एवं कक्षा एक में बहुत कम बच्चे दिखाए जा रहे है,और वास्तविक संख्या छिपा रहे है,जबकि इन्हे स्कूलों में कक्षा दो में संख्या में दोगुनी हो रही है।श्री जोगी ने कहा कि शिशु एवं कक्षा एक में बच्चों की संख्या के आधार पर निश्चित प्रतिशत पर गरीब बच्चो को प्रवेश मिलता है। 

उन्होने यह भी कहा कि निजी स्कूल आरटीई के तहत प्रवेश नही देने का बहाना यह कहते हुए कर रहे है उन्हे सरकार में मिलने वाली राशि हासिल नही हुई है।उन्होने आरटीई को 09वीं में लागू करने पर सरकार के प्रति आभार भी जताया।

स्कूल शिक्षा मंत्री डा.प्रेमसाय सिंह टेकाम ने स्वीकार किया कि इस योजना के तहत स्कूलों को धनराशि देना शेष है।उन्होने इसका कारण केन्द्र से इसमें मिलने वाला अंशदान नही प्राप्त होना बताया।उन्होने बताया कि चालू वित्त वर्ष में केन्द्र से योजना के लिए 159 करोड रूपए मांगे गए थे लेकिन महज 49 करोड ही मिल सका है।राज्य सरकार ने इस कारण संचित निधि से 60 करोड रूपए मंजूर किए है।उन्होने बताया कि निजी स्कूलों को 168 करोड़ रूपए का भुगतान करना है,केन्द्र से धनराशि मिलते ही भुगतान कर दिया जायेगा।


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