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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया 2020-21 का बजट

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया 2020-21 का बजट

नई दिल्ली (भाषा)।   02 Feb 2020      Email  

आम आदमी के जीवन को आसान बनाने पर जोर
आयकर स्लैब में हुआ बड़ा बदलाव, वित्तमंत्री ने करदाताओं को आयकर में राहत देते हुए नया और वैकल्पिक टैक्स स्लैब पेश किया 
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दूसरे बजट में सरकार ने सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए नौकरी पेशा करदाताओं को आयकर में राहत देने के साथ ही कंपनियों को लाभांश वितरण कर से मुक्ति देने और आम आदमी के जीवन को आसान बनाने के लिए खेती, किसानी के क्षेत्र में नई योजनाओं की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में 2020-21 का बजट पेश करते हुए घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रसोई और भोजन की मेज पर इस्तेमाल होने वाले बर्तनों, बिजली के सामान से लेकर चप्पल जूते, फर्नीचर, स्टेशनरी और खिलौनों पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया है। इससे मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलने और घरेलू कंपनियों को सस्ते आयात से सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। जूते-चप्पल पर सीमा शुल्क दर को 25 से बढ़ाकर 35 प्रतिशत, जूते के हिस्सों पर 15 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत और विशिष्ट फर्नीचर सामान पर 20 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। चीनी मिट्टी के खाने के बर्तन, रसोई के बर्तन और अन्य गृहस्थी में काम आने वाली वस्तुओं पर भी सीमा शुल्क दर को 10 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया है। सीतारमण ने बजट में व्यक्तिगत आयकर दाताओं को घटी दरों के साथ नई वैकल्पिक आयकर व्यवस्था का प्रस्ताव किया है। नई आयकर व्यवस्था में ढाई लाख तक की सालाना आय को पहले की तरह कर मुक्त रखा गया है जबकि ढाई लाख से लेकर पांच लाख रुपए की आय पर 5 प्रतिशत की दर से आयकर देय होगा। इसी प्रकार 5 से 7.5 लाख रुपए पर 10 प्रतिशत, 7.5 से 10 लाख रुपए की आय पर 15 प्रतिशत, 10 से 12.5 लाख रुपए पर 20 प्रतिशत, 12.5 लाख रुपए से 15 लाख रुपए की आय पर 25 प्रतिशत और 15 लाख रुपए से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत की दर से आयकर भुगतान का प्रस्ताव किया गया है। वित्त मंत्री ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि हमारा लक्ष्य आने वाले समय में आयकर कानून में उपलब्ध सभी तरह की रियायतों और कटौतियों की व्यवस्था को समाप्त करना है। नई कर व्यवस्था के अमल में आने से सरकार को हर साल 40 हजार करोड़ रुपए के राजस्व नुकसान का अनुमान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आयकर कानून में 100 से अधिक तरह की छूट और कटोतियां हैं। आयकर की नई व्यवस्था में इनमें से 70 रियायतों और छूट को उन्होंने हटाने में सफलता पाई है। उल्लेखनीय है कि व्यक्तिगत आयकर की मौजूदा व्यवस्था में ढाई लाख रुपए की सालाना आय पूरी तरह से करमुक्त है। इसके बाद ढाई लाख से 5 लाख रुपए की आय पर पांच प्रतिशत, पांच से 10 लाख रुपए की आय पर 20 प्रतिशत और 10 लाख रुपए से अधिक की वार्षिक आय पर 30 प्रतिशत की दर से आयकर लगता है। 60 साल से लेकर 80 वर्ष तक के वरिष्ठ नागरिकों की तीन लाख रुपए तक की सालाना आय कर मुक्त है जबकि 80 वर्ष से बड़े बुजुर्गों की पांच लाख रुपए तक की आय करमुक्त है। इसके साथ ही कर पर अधिभार और उपकर भी लागू है। वित्त मंत्री ने बजट प्रस्ताव में कहा कि आयकर की नई दरें करदाताओं के लिए वैकल्पिक हैं। यानी वह चाहें तो नए कर स्लैब के अनुरूप कर का भुगतान कर सकते हैं या फिर पुरानी व्यवस्था के मुताबिक ही आयकर का भुगतान कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट कि कि दोनों व्यवस्थाओं में पांच लाख रुपए तक की आय पर कोई कर नहीं देना होगा। कंपनियों को लाभांश कर से निजात देने की भी बजट में घोषणा की गई। अब कंपनियों के बजाय लाभांश प्राप्त करने वाले को कर देना होगा। होल्डिंग कंपनियों को उनकी अनुषंगी कंपनी से मिलने वाले लाभांश पर कटौती देने का प्रस्ताव किया गया है। सरकार के इस कदम से 25,000 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा। इससे भारत को निवेश का आकर्षक स्थल बनाने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने प्रत्यक्ष कर क्षेत्र में व्यापक सुधार उपायों को आगे बढ़ाते हुए पुराने विवादित कर मामलों का निपटान करने के लिए विवाद से विश्वास योजना की एक बार फिर घोषणा की है। इस योजना के तहत 31 मार्च 2020 तक करदाता यदि भुगतान करता है तो केवल विवादित राशि का ही भुगतान करना होगा। ब्याज और जुर्माने की माफी होगी। इस तिथि के बाद योजना का लाभ उठाने वालों का करदाताओं को कुछ अतिरिक्त कर राशि का भुगतान करना पड़ सकता है। योजना 30 जून 2020 तक खुली रहेगी। पंजाब एवं महाराष्ट्र सहकारी बैंक (पीएमसी) बैंक में धोखाधड़ी सामने आने के बाद जमाकर्ताओं की परेशानी को देखते हुए जमा राशि पर बीमा सुविधा को मौजूदा एक लाख रुपए से बढ़ाकर पांच लाख रुपए करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही वित्तीय आस्तियों के प्रतिभूतिकरण एवं पुनर्गठन और प्रतिभूति हित का प्रवर्तन कानून 2002 के तहत अब 100 करोड़ रुपए की संपत्ति वाली एनबीएफसी भी ऋण वसूली कर सकेंगी। पहले यह सीमा 500 करोड़ रुपए तक थी। इसके साथ ही कानून के तहत अब 50 लाख रुपए तक के कर्ज की भी वसूली की जा सकेगी जबकि पहले एक करोड़ रुपए से अधिक के ऋण की वसूली का अधिकार इसमें था। हालांकि, शेयर बाजार को यह बजट रास नहीं आया। बंबई शेयर बाजार का सूचकांक बजट के बाद 988 अंक गिर गया। बहरहाल वित्त मंत्री ने बिजली क्षेत्र में उतरने वाली घरेलू कंपनियों को भी 15 प्रतिशत की घटी दर से कर देने की सुविधा देने की घोषणा की है। विदेशी सरकारों के सावरेन संपत्ति कोषों को ढांचागत तथा अन्य अधिसूचित क्षेत्रों में किए गए निवेश पर मिलने वाले ब्याज, लाभांश और पूंजीगत लाभ आय पर 100 प्रतिशत कर छूट देने का भी फैसला किया गया है। यह सुविधा 31 मार्च 2024 से पहले किए गए निवेश पर तीन साल के लॉक इन पीरियड के साथ होगा। पिछले 11 साल के निम्न स्तर पर पहुंच आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री ने ढांचागत परियोजनाओं, ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र पर खर्च बढ़ाने की घोषणा की है। वित्त मंत्री ने कहा कि किसान कल्याण और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार 16 सूत्रीय कार्ययोजना का प्रस्ताव कर रही है। उन्होंनें कहा कि कृषि, ग्रामीण विकास, सिंचाई और संबंधित गतिविधियों में 2.83 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसी प्रकार स्वास्थ्य, जल, स्वच्छता के लिए 69,000 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें 6,400 करोड़ रुपए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए दिए गए हैं। योजना के तहत दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में गरीबों के इलाज के लिए 20 हजार नए अस्पताल पैनल में शामिल होंगे। आयुष्मान भारत के तहत गरीबों के बेहतर इलाज के लिए अस्पतालों का नेटवर्क बढ़ाने, अगले चार साल में उड़ान योजना को पंख देने के लिए 100 और हवाईअड्डे जोड़ने और पर्यटन क्षेत्र में नई पहल करने की घोषणा की है। आधुनिक भारत की अर्थव्यवस्था में वित्त मंत्री ने कहा कि देशभर में डेटा सेंटर पार्क बनाने के लिए निजी क्षेत्र को आगे बढ़ाने की नीति जल्द जारी की जाएगी। फाइबर टु होम के तहत भारतनेट संपर्क योजना के तहत एक लाख ग्राम पंचायतों को जाड़ा जाएगा। इसके लिए बजट में 6,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पर्यटन एवं संस्कृति के क्षेत्र में संस्कृति मंत्रालय के तहत धरोहर और संरक्षण संस्थान स्थापित किया जाएगा। इसे डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाएगा। इसके तहत हरियाणा, उत्तर प्रदेश, असम, गुजरात और तमिलनाडु में संग्रहालय के साथ ही एक- एक पुरातत्व महत्व के पांच स्थलों को विकसित किया जाएगा। सीतारमण ने कुल 30,42,230 करोड़ रुपए के व्यय का बजट पेश किया। पिछले बजट के संशोधित व्यय अनुमान की तुलना में नया बजट 3,43,678 करोड़ रुपए अधिक है। वित्त मंत्री ने कहा कि उनका बजट तीन मुख्य विषयों के ईदगिर्द तैयार किया गया है। पहला मुद्दा आकांक्षी भारत का है जिसमें समाज के सभी वर्गों की बेहतर रहन-सहन, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और रोजगार की चाह को ध्यान में रखा गया है। दूसरा मुद्दा सभी के आर्थिक विकास से जुड़ा है। इसमें प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास पर जोर दिया गया है और तीसरा -समाज के वंचित तबके का ध्यान रखने से जुड़ा है जिसमें मानवीय और दयालु रुख रखने वाले समाज को बढ़ावा दिया गया है। वहीं बजट में नवगठित केंद्र शासित क्षेत्रों जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख के लिए क्रमशः 30 हजार 757 करोड़ एवं 5958 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। आम बजट के अनुसार मार्च 2019 से मार्च 2021 तक अनेक सरकारी संस्थाओं में 2.62 लाख से अधिक नौकरियां सृजित होने का अनुमान है। बजट में सहकारी समितियों के लिए आयकर की दर को 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत करने प्रस्ताव पेश किया, हालांकि इसमें अधिभार और उपकर अलग से लगेंगे। वहीं सरकार ने अपने विनिवेश कार्यक्रम के तहत देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में अपनी कुछ हिस्सेदारी आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए बेचने की घोषणा की है। वित्तमंत्री ने कहा कि एलआईसी को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कराया जाएगा। इसके अलावा आईडीबीआई बैंक में भी सरकार हिस्सेदारी बेचेगी। साथ ही वित्त मंत्री ने सस्ते मकानों के लिए 1.5 लाख रुपए के अतिरिक्त कर छूट के प्रावधान की समयसीमा मार्च 2021 तक के लिए बढ़ा दी। इस पहल का मकसद सस्ते मकान की मांग को बढ़ावा देना है। पिछले साल के बजट में 2 लाख रुपए के ब्याज छूट के अलावा 1.5 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त छूट की घोषणा की गई थी। यह लाभ पहली बार स्वयं के लिए 45 लाख रुपए मूल्य का मकान लेने वालों को मिलेगा। यह छूट इस साल मार्च तक के लिए उपलब्ध थी। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं करने वाले कोयला से चलने वाले पुराने बिजलीघरों को बंद किया जाएगा। उन्होंने वायु प्रदूषण में कमी लाने और उसे स्वच्छ बनाने के लिए 4,400 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। साथ ही अगले तीन साल में देश भर में परंपरागत मीटरों की स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का प्रस्ताव किया। वहीं सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2019-20 के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.8 प्रतिशत कर दिया है। पहले इसके 3.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। वहीं 2020-21 में इसका बजट अनुमान 3.5 प्रतिशत रखा गया है। बजट में सरकारी नौकरियों के लिए अलग-अलग परीक्षा की जगह अब राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के माध्यम से ऑनलाइन एक ही परीक्षा कराने का प्रावधान किया गया है। बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए 99,300 करोड़ रुपए और कौशल विकास के लिए 3,000 करोड़ रुपए आवंटित करने का प्रस्ताव किया गया है।

  • नई कर व्यवस्था के तहत आयकर पर मिलने वाली छूट छोड़ने पर 0-2.5 लाख रुपए तक की आय कर मुक्त होगी। सालाना 2.5-5 लाख तक आय पर 5 प्रतिशत  की दर से कर लगेगा। हालांकि 5 लाख तक की आय वालों को नई व पुरानी दोनों ही व्यवस्थाओं में कोई कर नहीं देना होगा।  5 से 7.50 लाख तक 10 प्रतिशत (पहले 20 प्रतिशत),  7.5 से 10 लाख तक 15 प्रतिशत (पहले 20 प्रतिशत), 10 से 12.5 लाख तक 20 प्रतिशत (पहले 30 प्रतिशत), 12.5 से 15 लाख तक 25 प्रतिशत (पहले 30 प्रतिशत), 15 लाख रुपए से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत (पहले 30 प्रतिशत) की दर से कर लगेगा। हालांकि कर दाता पुरानी कर व्यवस्था के तहत भी आयकर रिर्टन दाखिल कर सकेंगे, जिसमें उन्हें आयकर में छूट पहले की तरह ही मिलती रहेगी
  • एलआईसी में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, सूचीबद्ध कराएगी : सीतारमण
  • एक लाख की जगह अब पांच लाख रुपए तक की बैंक जमा को बीमा सुरक्षा 
  • कृषि, बागवानी और मत्स्य पालन क्षेत्र में बुनियादी बदलाव लाने के लिए 16 सूत्रीय कार्यक्रम किया गया पेश
  • सरकारी नौकरियों के लिए अलग-अलग परीक्षा की जगह अब होगी राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के माध्यम से एक ही ऑनलाइन परीक्षा 
  • शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट में आवंटित किए गए 99,300 करोड़ रुपए
  • कुल 30,42,230 करोड़ रुपए के व्यय का बजट पेश किया गया
  • भारतीय रेल को 70,000 करोड़ रुपए की सहायता, 1.61 लाख करोड़ रुपए पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव

महंगा और सस्ता
महंगा : बटर घी (घी), बटर ऑयल, खाद्य तेल, मूंगफली बटर,  मट्ठा, मसलिन, मक्का, चुकंदर के बीज, कोल्ड स्टोरेज आलू, चुइंग गम, डायटरी सोया फाइबर, आइसोलेडेट सोया प्रोटीन, छिलके वाला अखरोट, जूते-चप्पल, दाढ़ी बनाने वाले शेवर, हेयर क्लिप, बाल में लगाने वाली पिन, कंघी, बाल घुंघराले वाले उपकरण, हेयर रीमूवर उपकरण, रसोई में इस्तेमाल होने वाले बर्तन, बोनचाइना-मिट्टी-पोर्सलीन से बने बर्तन, वाटर फिल्टर, कांच के बर्तन, चीनी मिट्टी या पोर्सलीन से बने सजावटी सामान, माणिक, पन्ना, नीलम, बिना तराशे रंगीन रत्न, ताले, हाथ चलनी, बिजली से चलने वाले पंखे, छोटे ब्लोअर, वॉटर हीटर, इमर्शन रॉड , हेयर ड्रायर और बिजली से चलने वाला प्रेस, ग्राइंडर, ओवन, कुकर, ग्रिल (खाना पकाने वाला), चॉय और कॉफी बनाने वाली मशीन और टोस्टर, फर्नीचर, लैंप और प्रकाश उपकरण, कीट मारने वाले उपकरण, खिलौने, पेन-कॉपी समेत स्टेशनरी उत्पाद, कृत्रिम फूल, घंटी, मूर्ति, ट्रॉफी, मोबाइल फोन का प्रिंडेट सर्किट बोर्ड एसेंबली, डिस्प्ले पैनल, टच एसेंबली, फिंगरप्रिंट रीडर, सिगरेट, हुक्का, चबाने वाली तंबाकू, खुशबू युक्त जर्दा तंबाकू।
सस्ता : अखबारी कागज (न्यूजप्रिंट) सी, खेलकूद के सामान, माइक्रोफोन, इलेक्टि्रक वाहन।


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