लखनऊ से हिंदी एवं उर्दू में एकसाथ प्रकाशित राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र
ताजा समाचार
कोरोना के 2.56 लाख से अधिक नमूनों की जांच
देश में कुल 1,268 कोरोना टेस्ट लैब
रक्षा मंत्री का लद्दाख दौरा स्थगित
पुतिन 2036 तक बने रहेंगे राष्ट्रपति
श्रमिको के अधिकार रौंदने की कोशिश अनुचित:राहुल
प्रवासी मजदूरों की मौत पर मगरमच्छ के आंसू बहा रहा है केंद्र: चिदम्बरम
जापान में कोरोना संक्रमण के 14000 से अधिक मामले
कोरोना की लड़ाई में ‘सावधानी हटी दुर्घटना घटी’ : मोदी
देश में कोरोना के 768 नये मामले, 36 की मौत
नारी गरिमा और उसके सम्मान की रक्षा के लिए तीन तलाक बिल आवश्यक था
माेदी सरकार से जनता की अपेक्षायें बढ़ी: रामदेव
सुल्तानपुर में फ्लाईओवर का पिलर टेढा होने पर जांच के आदेश
मोदी की टिप्पणी ‘हताशा का चरम’: तृणमूल
बहराइच में पानी के लिये भटका बारहसिंघा, कुत्तों ने नोचा
मलेशिया में नजीब रजाक के घर के आसपास घेराबंदी

स्थानीय

डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट

मीडिया हाउस, 16/3 'घ',
सरोजिनी नायडू मार्ग, लखनऊ - 226001
फ़ोन : 91-522-2239969 / 2238436 / 40, फैक्स : 91-522-2239967/2239968
ईमेल : dailynewsactivist@yahoo.co.in, dailynewslko@gmail.com
वेबसाइट : http://www.dnahindi.com
ई-पेपर : http://www.dailynewsactivist.com

अवैध मिट्टी खनन से फैल रहा प्रदूषण

अवैध मिट्टी खनन से फैल रहा प्रदूषण

लखनऊ।   11 Oct 2020      Email  

नीरज मिश्र, लखनऊ। 
पांचों तहसीलों में जिम्मेदारों की शह पर चल रहा मिट्टी का अवैध खनन
पर्यावरण प्रदूषण बढ़ाने के लिए अवैध खनन भी प्रमुख कारक है। जिले में कई स्थानों पर धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है। मिट्टी, रेत से लदी ट्रैक्टर-ट्रालियां, डंफर धूल उड़ा रही हैं। जिससे लोग बीमार हो रहे हैं। प्रतिबंध के बाद भी जिम्मेदार अफसर इस पर रोक लगाने में नाकाम हैं। इतना ही नहीं कई स्थानों पर तो पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की जानकारी में होने के बाद भी खनन किया जा रहा है। 
पेड़ों का कटान तो हो ही रहा है। जो पर्यावरण के लिए खतरे की घंटी है। इसके साथ ही अवैध खनन भी पर्यावरण प्रदूषण के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है। हालांकि लोगों के जहन में यह तथ्य नहीं है कि खनन से भी पर्यावरण प्रदूषण होता है। मिट्टी व रेत से लदी ट्रैक्टर ट्रालियां व डंफर धूल उड़ाती हुई सड़कों पर दौड़ रही है। जिससे पर्यावरण को खतरा बना है। बता दें कि वर्तमान में जिले में खनन माफिया बंथरा, मलीहाबाद, माल, गोसाईगंज, सरोजनीनगर, बीकेटी और काकोरी क्षेत्र में खनन खुलकर कर रहे हैं। इन स्थानों पर प्रतिदिन लाखों रुपए की मिट्टी निकाली जा रही है। अफसरशाही जानकर भी अंजान बनी हुई है। अगर कहा जाए कि खनन विभाग की शह पर ही यह सबकुछ हो रहा है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। दोनों स्थानों पर इतने बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा है कि वहां पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी जाने से कतराते हैं। क्योंकि खनन माफिया के हौंसले बुलंद हैं तथा वह कई दफा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से भिड़ चुके हैं। शहर हो या गांव हर जगह इस धूल से पर्यावरण को प्रदूषित किया जा रहा है। जिससे बीमारियां फैल रही हैं। सांस संबधी बीमारियों को बढ़ावा देने में यह खनन काफी हद तक जिम्मेदार माना जा रहा है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी तरह के खनन पर रोक लगा रखी है लेकिन उसके बावजूद मिट्टी माफिया खनन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। खनन माफिया का कहना है कि अनुमति भी तो प्रशासन ही दे रहा है। कई इलाकों में आरोपित जेसीबी मशीन लगाकर अवैध खनन कर रहे हैं। इस मामले में ओसी खनन सिटी मजिस्ट्रेट सुशील प्रताप सिंह से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन ही रिसीव नहीं हुआ। पिछले दो दिनों से उनके फोन पर घंटी तो जा रही है लेकिन रिसीव नहीं हो रहा है। 

शिकायत करने में मिलती है धमकी
महीनों से हो रहे इस अवैध खनन पर न ही राजस्व विभाग की नजर पड़ी है और न ही पुलिस विभाग की। थरी गांव निवासी धीरेंद्र, मंजू व संजू और टिकना खेड़ा निवासी कल्लू की जमीनें मामूली पैसों में खरीद कर ठेकेदार ने तालाब की शक्ल दे दी है। किसी ने अभी तक यह जानने की हिम्मत नहीं जुटाई की यह खनन कैसे  किया जा रहा है। ग्रामीण दिनेश सिंह का कहना है कि शिकायत करने पर माफियाको जानकारी देदी जाती है और वो लेगों को जान से मारनेकी धमकी देते हैं। बताया कि सरकार के अदेशों को ठेंगा दिखा खनन माफिया व बिल्डर्स मनमानी कर रहे हैं। इस समय क्षेत्र में अवैध खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं और निडर होकर खनन कर लाखों की कमाई प्रति दिन कर रहे हैं। खनन में दर्जनों ट्रैक्टर, जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। किसी भी समय रात हो या दिन अवैध खनन देखा जा सकता है। 
कार्रवाई के नाम पर सिर्फ रस्म अदायगी 
गोमती किनारे बेखौफ संचालित अवैध मिट्टी व बालू के खनन पर रोकथाम के नाम पर होने वाली कार्रवाई सिर्फ रस्म अदायगी में सिमट कर रह जाती है।  बीकेटी, गोसाईगंज व मलिहाबाद ब्लाक में क्षेत्रीय ग्रामीणों द्वारा अवैध बालू खनन के खिलाफ स्थानीय प्रशासन अथवा पुलिस में दर्ज करायी गयी दर्जनों शिकायतों के बाद भी कार्रवाई के नाम पर अवैध खनन में शामिल कुछ ट्रैक्टर ट्राली व जेसीबी मशीन जब्ती के बाद चुप्पी साध ली जाती है। 

अफसरों व माफिया का गठजोड़ 
अवैध खनन से सपा-बसपा शासन में लोगों ने इससे अरबों रुपये की कमाई की थी। यहां तक कि सपा शासनकाल में मंत्री गायत्री प्रजापति को जेल तक जाना पड़ा। लेकिन अवैध खनन की जिन्न समय-समय पर फिर सिर उठाता है। राजधानी में विभागीय अधिकारी, पुलिस, परिवहन और माफिया का गठजोड़ एक बार फिर सिर उठाने लगा है। सरकार की आंखों में धूल झोंककर अवैध खनन-परिवहन एक बार फिर शुरू है और जमकर जिम्मेदार अवैध वसूली कर रहे हैं। अवैध खनन के कारोबार पर अंकुश लगाने के दावे कुछ इसी तरह के हैं जैसे कि गोमती नदी या तालाबों से जलकुंभियों को दूर करने की बात की जाए। हर सरकार में इस बात के दावे हुए और भाजपा सरकार ने तो चौतरफा नाकेबंदी भी कराई। खदानों में कांटा व सीसीटीवी कैमरे से लेकर अवैध खनन-परिवहन के लिए बदनाम जिलों में खनिज बैरियर भी लगाए। लेकिन आज भी सूबे की राजधानी से लेकर नेपाल बार्डर व कमोवेश प्रदेश के सभी जिलों तक क्षमता से दो से तीन गुना मौरंग व गिट्टी लदे ट्रक बहुतायत में देखे जा रहे हैं। 


Comments

' data-width="100%">

अन्य खबरें

फारूक अब्दुल्ला पीएजीडी के अध्यक्ष व महबूबा मुफ्ती उपाध्यक्ष चुनी गईं
फारूक अब्दुल्ला पीएजीडी के अध्यक्ष व महबूबा मुफ्ती उपाध्यक्ष चुनी गईं

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को हाल में गठित गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजीडी) का शनिवार को सर्वसम्मति से अ

प्रधानमंत्री 27 अक्टूबर को तीन लाख से अधिक रेहड़ी व पटरी दुकानदारों को वितरित करेंगे ऋण
प्रधानमंत्री 27 अक्टूबर को तीन लाख से अधिक रेहड़ी व पटरी दुकानदारों को वितरित करेंगे ऋण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश द्वारा देश में सर्वाधिक 3,46,150 ऋण आव