लखनऊ से हिंदी एवं उर्दू में एकसाथ प्रकाशित राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र
ताजा समाचार
कोरोना के 2.56 लाख से अधिक नमूनों की जांच
देश में कुल 1,268 कोरोना टेस्ट लैब
रक्षा मंत्री का लद्दाख दौरा स्थगित
पुतिन 2036 तक बने रहेंगे राष्ट्रपति
श्रमिको के अधिकार रौंदने की कोशिश अनुचित:राहुल
प्रवासी मजदूरों की मौत पर मगरमच्छ के आंसू बहा रहा है केंद्र: चिदम्बरम
जापान में कोरोना संक्रमण के 14000 से अधिक मामले
कोरोना की लड़ाई में ‘सावधानी हटी दुर्घटना घटी’ : मोदी
देश में कोरोना के 768 नये मामले, 36 की मौत
नारी गरिमा और उसके सम्मान की रक्षा के लिए तीन तलाक बिल आवश्यक था
माेदी सरकार से जनता की अपेक्षायें बढ़ी: रामदेव
सुल्तानपुर में फ्लाईओवर का पिलर टेढा होने पर जांच के आदेश
मोदी की टिप्पणी ‘हताशा का चरम’: तृणमूल
बहराइच में पानी के लिये भटका बारहसिंघा, कुत्तों ने नोचा
मलेशिया में नजीब रजाक के घर के आसपास घेराबंदी

देश

डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट

मीडिया हाउस, 16/3 'घ',
सरोजिनी नायडू मार्ग, लखनऊ - 226001
फ़ोन : 91-522-2239969 / 2238436 / 40, फैक्स : 91-522-2239967/2239968
ईमेल : dailynewsactivist@yahoo.co.in, dailynewslko@gmail.com
वेबसाइट : http://www.dnahindi.com
ई-पेपर : http://www.dailynewsactivist.com

यूजीसी परीक्षा: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 10 अगस्त तक टली

यूजीसी परीक्षा: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 10 अगस्त तक टली

नयी ​दिल्ली, 31 जुलाई (वार्ता)  31 Jul 2020      Email  

नयी ​दिल्ली, 31 जुलाई ... उच्चतम न्यायालय ने देश भर के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष की परीक्षाएं 30 सितम्बर तक आयोजित करने के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की गत छह जुलाई की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई 10 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी है।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की खंडपीठ ने शुक्रवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और याचिकाकर्ताओं के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद मामले की सुनवाई 10 अगस्त तक स्थगित कर दी। इस बीच श्री मेहता ने कहा कि किसी विद्यार्थी को अभी फिलहाल यह धारणा नहीं बनानी चाहिए कि शीर्ष अदालत में मामला लंबित नहीं होने के कारण परीक्षा नहीं होगी और छात्रों को अपनी पढ़ाई की तैयारी जारी रखनी चाहिए।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता यश दुबे की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि कई ऐसे विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन परीक्षा के लिए ज़रूरी सुविधा नहीं है, इस पर शीर्ष अदालत ने कहा कि ऑफ लाइन का भी विकल्प है। इस पर श्री सिंघवी ने कहा, “लेकिन बहुत से लोग स्थानीय हालात या बीमारी के चलते ऑफलाइन परीक्षा नहीं दे पाएंगे। उन्हें बाद में परीक्षा देने का विकल्प देने से और भ्रम फैलेगा।” इस पर फिर न्यायालय ने कहा कि यह तो छात्रों के हित में नजर आता है।

इस बीच, न्यायालय ने महाराष्ट्र में राज्य आपदा प्रबंधन समिति की तरफ से लिये गए फैसले की कॉपी रिकॉर्ड पर रखने को कहा है और सुनवाई 10 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।

गौरतलब है कि यूजीसी ने गुरुवार को शीर्ष अदालत में हलफनामा दायर करके कहा था कि 30 सितम्बर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित करने को लेकर अधिसूचना का उद्देश्य विद्यार्थियों के अगले साल की पढ़ाई में विलम्ब होने से रोकना है। आयोग का कहना है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम के तहत उन्हें बच्चों की उच्च शिक्षा के संदर्भ में नीतिगत फैसला लेने का अधिकार है। इसी अधिकार के तहत उन्होंने बच्चों के भविष्य की बेहतरी को देखते हुए ही 30 सितंबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराने का निर्देश दिया है।

आयोग का कहना है कि अंतिम वर्ष महत्वपूर्ण होता है, जिसके परीक्षाफल के आधार पर छात्रों का आगे का भविष्य निर्भर करता है। इसलिए इसमें बिना परीक्षा के परिणाम घोषित नहीं किए जा सकते।

उधर, आयोग के हलफनामा के बाद याचिकाकर्ताओं ने देर शाम जवाबी हलफनामा दायर किया, जिसमें उन्होंने कहा कि आयोग उनकी शिकायतों पर सही तरीके से जवाब देने में असफल रहा है।


Comments

' data-width="100%">

अन्य खबरें

बागपत में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष की गोली मारकर हत्या, थाना प्रभारी निलंबित
बागपत में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष की गोली मारकर हत्या, थाना प्रभारी निलंबित

बागपत/लखनऊ,12 अगस्त (डीएनएन)। यूपी के बागपत में हमलावरों ने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की म