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राकांपा के वरिष्ठ नेता डीपी त्रिपाठी का निधन

राकांपा के वरिष्ठ नेता डीपी त्रिपाठी का निधन

नई दिल्ली (भाषा)।   03 Jan 2020      Email  

अपनी विलक्षण राजनीतिक कुशाग्रता और विनोदी स्वभाव के लिए मशहूर राकांपा के वरिष्ठ नेता डीपी त्रिपाठी का 67 साल की उम्र में लंबी बीमारी के बाद यहां गुरुवार को निधन हो गया। उनके परिवार ने यह जानकारी दी। त्रिपाठी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के महासचिव थे। वह कैंसर से पीड़ित थे। त्रिपाठी को एक विद्वान बताते हुए राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि वह कर्मठता और बुद्धिमत्ता का सही मिश्रण थे। पवार ने ट्वीट किया कि एक दृढ़ आवाज जो एक प्रवक्ता और महासचिव के तौर पर हमेशा मेरी पार्टी के लिए खड़े रहे। वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की स्थापना के समय से हमारे साथ रहे और राष्ट्रीय स्तर पर बेहद अहम भूमिका निभाई। उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने त्रिपाठी को एक मार्गदर्शक और सलाहकार बताते हुए कहा कि उन्होंने राकांपा की स्थापना के समय से हमें बहुमूल्य परामर्श और मार्गदर्शन दिया जिसे हम याद रखेंगे। सुले ने कहा कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। दिल्ली के राजनीतिक गलियारे में अपनी विद्वत शख्सियत के कारण मशहूर त्रिपाठी ने अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत छात्र नेता के तौर पर की थी। वह 1975-77 में जवाहर लाल नेहरू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के अध्यक्ष भी थे और आपातकाल के दौरान जेल भी गए थे। त्रिपाठी दृष्टिहीन थे और वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के लेक्चरर थे। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीबी सहयोगी बनने से लेकर राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के करीबी बनने तक त्रिपाठी के पार्टी लाइन से इतर सभी नेताओं के साथ बेहतर संबंध थे। त्रिपाठी अपनी वाकपटुता और हिंदी एवं अंग्रेजी में धाराप्रवाह बोलने के लिए जाने जाते थे। त्रिपाठी ने राकांपा के प्रवक्ता भी थे। राकांपा और कांग्रेस के विलय की जब अटकलें लग रही थीं तब त्रिपाठी ने कहा था कि हम लय चाहते हैं, विलय नहीं। वह अपने अंतिम क्षणों तक सक्रिय थे जब शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा महाराष्ट्र में सरकार बनाने में जुटे थे। उनके निधन पर कई दलों के नेताओं ने शोक जताया। जिसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, राष्ट्रीय लोक दल के नेता जयंत चौधरी व कांग्रेस नेता मनीष तिवारी भी शामिल हैं।  


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