चित्रकूट ... उत्तर प्रदेश में चित्रकूट जिले की एक अदालत ने दस्यु बबुली कोल गिरोह के सदस्य लवलेश कोल को छह वर्ष कारावास और आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोपाल दास ने बताया कि वर्ष 2015 में तत्कालीन राजापुर थाना प्रभारी आरबी सिंह मानिकपुर और मारकुण्डी थाने की पुलिस टीम के साथ दस्यु बबुली कोल गिरोह द्वारा कल्याण सेुंचरी जंगल के वन कर्मियों के साथ मारपीट किए जाने की सूचना पर घटना स्थल की ओर जा रहे थे।
इस दौरान मुखबिर ने बताया कि दस्यु सरगना इनामी बदमाश बबुली कोल अपने साथियों के साथ नागर गांव के ठर्री पहाड़ में मौजूद है, जिसके बाद पुलिस टीम ठर्री पहाड़ पहुंच गई। यहां पहाड़ पर मौजूद दस्यु बबुली कोल के सदस्यों ने राइफल और बन्दूकों से पुलिस पर फायरिंग शुरु कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, मगर बदमाश जंगल की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर भाग निकले।
इस मामले में दस्यु सरगना बबुली कोल समेत कई लोगों का नाम प्रकाश में आया था। कुछ दिनों बाद दस्यु सरगना बबुली कोल पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था, जबकि गिरोह का कैजुअल मेम्बर मानिकपुर थाना क्षेत्र के निही चिरैया गांव का निवासी लवलेश कोल गिरफ्तार कर लिया गया था। जिसके विरुद्ध पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को विशेष न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने इस मामले में निर्णय सुनाया जिसमें पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने का दोष सिद्ध होने पर लवलेश कोल को छह वर्ष कारावास के साथ आठ हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।