नयी दिल्ली.... प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल का जिक्र करते हुए मंगलवार को कहा कि आज दुनिया में व्यापार, प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिजों का हथियार की तरह इस्तेमाल हो रहा है और घरेलू उद्योग जगत से बाहरी निर्भरता कम करने की अपील की।
श्री मोदी ने यहां भारत मंडपम में आयोजित भारत-ईयू बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि आज वैश्विक व्यापार में बड़ी उथल-पुथल है। हर कंपनी अपनी बाजार रणनीति और साझेदारी को नये सिरे से देख रही है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार संधि (एफटीए) को सफलतापूर्वक अंतिम रूप देने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह एफटीए व्यापार जगत के लिए एक साफ और सकारात्मक संदेश है।
प्रधानमंत्री ने बिजनेस फोरम में कहा, "आज विश्व में व्यापार, प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों का हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। हमें साथ मिलकर अपनी निर्भरताओं के जोखिम को समाप्त करने की आवश्यकता है। क्या हमारी व्यापार वर्ग मिलकर इलेक्ट्रिक वाहनों, बैट्री, चिप्स और एपीआई (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) में बाहरी निर्भरता घटा सकता है? क्या हम भरोसेमंद सप्लाई चेन का साझा विकल्प खड़ा कर सकते हैं?"
उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय यूनियन दोनों का फोकस रक्षा उद्योग और अत्याधुनिक तकनीकों पर रहा है। आप रक्षा, अंतरिक्ष, दूरसंचार और एआई जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाएं।
हरित एवं पर्यावरण अनुकूल भविष्य को भारत और ईयू दोनों की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने उद्योग जगत से ग्रीन हाइड्रोजन से लेकर सौर ऊर्जा और स्मार्ट ग्रिड, हर क्षेत्र में हमें संयुक्त अनुसंधान एवं नवाचार बढ़ाने की अपील की। उन्होंने मिलकर छोटे मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर और हरित परिवहन पर काम करना की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ जल प्रबंधन, चक्रीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण अनुकूल कृषि के क्षेत्र में मिलकर समाधान विकसित करने चाहिये।