नई दिल्ली .... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक नई सुबह बताया है। मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक में सांसदों द्वारा सम्मानित किए जाने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक स्तर पर भारत के प्रति भरोसा बढ़ा है और अब समय ‘मेक इन इंडिया’ को नई ऊंचाई पर ले जाने का है।
मंगलवार को संसद परिसर में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सांसदों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। यह सम्मान उन्हें अमेरिका की ओर से भारत पर टैरिफ कम करने के फैसले और सफल ट्रेड डील के लिए दिया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब हम इस दिशा में काम कर रहे थे, तब कई लोग लगातार हमारी आलोचना कर रहे थे। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा, ‘लोग आलोचना करते रहे, लेकिन हमने धैर्य रखा और आज उसी धैर्य का परिणाम सबके सामने है।’ उन्होंने सांसदों को बताया कि अमेरिका के साथ हुई इस ट्रेड डील ने देश में एक सकारात्मक व्यापारिक वातावरण तैयार किया है, जिसका सीधा लाभ आने वाले समय में भारतीय बाजार और निर्यातकों को मिलेगा।
मैन्युफैक्चरिंग और क्वालिटी पर फोकसः ‘आत्मनिर्भर भारत’ की नई दिशा : प्रधानमंत्री मोदी ने केवल उपलब्धि का जश्न नहीं मनाया, बल्कि भविष्य के लिए एक स्पष्ट रोडमैप भी रखा। उन्होंने ट्रेड डील के बाद बनने वाले माहौल का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि अब देश में मैन्युफैक्चरिंग की रफ्तार बढ़नी चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारतीय कंपनियों को अब ‘क्वालिटी प्रोडक्ट’ यानी उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए ताकि ‘मेड इन इंडिया’ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सबसे आगे रहे। प्रधानमंत्री का मानना है कि टैरिफ में कमी आने से भारतीय उत्पादों के लिए अमेरिकी बाजार के दरवाजे और चौड़े हुए हैं, लेकिन इस अवसर को भुनाने के लिए उत्पादों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
सांसदों को दिया ‘होमवर्क, बजट और सदन में लें भागीदारी : संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने सांसदों को उनकी जिम्मेदारियों का भी अहसास कराया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सांसद सदन की कार्यवाही में अनिवार्य रूप से मौजूद रहें और चर्चाओं में सक्रिय रूप से हिस्सा लें। इसके अलावा, उन्होंने बजट 2026 की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जाने की सलाह दी।