नई दिल्ली ... 14 उम्मीदवार गुरुवार को निर्विरोध राज्यसभा चुनाव जीत गए। इनके सामने कोई और कैंडिडेट खड़ा नहीं था। इनमें 10 भाजपा और 4 कांग्रेस से हैं। चुनाव जीतने वालों में कर्नाटक से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और मीडिया व प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा का नाम शामिल है। वहीं, राजस्थान से भाजपा के सतीश पूनिया, अलका गुर्जर और कांग्रेस के नीरज डांगी निर्विरोध राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। इसके अलावा गुजरात से भाजपा के सभी चार राज्यसभा उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है।
वहीं, मध्य प्रदेश से भाजपा के रजनीश अग्रवाल, तरुण चुघ और महेश केवट की जीत हुई है। हालांकि, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के खिलाफ पार्टी की याचिका पर सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी थी। दरअसल, तीसरी सीट के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। कांग्रेस के पास संख्या बल भी था, लेकिन 9 जून को नटराजन का नामांकन फॉर्म निरस्त कर दिया गया था। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवारों को आज ही जीत का प्रमाण पत्र दे दिया गया। दरअसल, नाम वापसी की समय-सीमा खत्म होने के बाद और केवल तीन पदों के लिए तीन ही नामांकन शेष रहने के चलते सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। ऐसे में रिटर्निंग अधिकारी ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा है। राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी हो गई है। नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद बीजेपी के डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका गुर्जर तथा कांग्रेस के नीरज डांगी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। गुजरात की चार राज्यसभा सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों को औपचारिक रूप से निर्विरोध घोषित किया गया है। इसलिए अब 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव गुजरात में नहीं होंगे। निर्वाचन आयोग ने भाजपा के राजुभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जितेंद्र मेघजीभाई कंजारिया को निर्विरोध घोषित किया है। मौूजदा गुजरात विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों की संख्या 161 है। कांग्रेस की 12 और आम आदमी पार्टी की केवल पांच सीटें हैं। इसलिए किसी भी विपक्षी दल ने उम्मीदवार नहीं उतारा। इसी वजह निर्वाचन आयोग ने गुजरात में भाजपा के चारों उम्मीदवारों को निर्विरोध घोषित कर दिया है।