नयी दिल्ली.... कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री प्रियांक खरगे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद तेजस्वी सूर्या पर तीखा हमला बोलते हुए बेंगलुरु के लिए उनकी प्रासंगिकता और योगदान पर सवाल उठाए तथा केंद्र की नीतियों पर भी व्यापक हमला बोला।
श्री खरगे ने शुक्रवार को कहा, "आप उस बच्चे को इतनी गंभीरता से क्यों लेते हैं? यह उनका दूसरा कार्यकाल है। उन्होंने बेंगलुरु के लिए क्या किया है? सूर्या लगातार 'डबल-इंजन सरकार' की बात करते रहे हैं, जबकि कर्नाटक को केंद्र से 'अन्याय' का सामना करना पड़ा है।"
श्री खरगे की ये टिप्पणियां राष्ट्रीय राजधानी की उनकी यात्रा के दौरान आईं। वे यहां आगामी 'बेंगलुरु टेक समिट' का प्रचार करने और राज्य में वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए राजनयिकों से बातचीत करेंगे।
श्री खरगे ने इस राजनीतिक हमले के बीच प्रस्तावित 'परिसीमन विधेयक' पर भी चिंता जताई। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह का कोई भी कदम उठाने से पहले राष्ट्रीय जनगणना जरूर होनी चाहिए। उन्होंने 'महिला आरक्षण विधेयक' का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र के दृष्टिकोण में डेटा-आधारित आधार की कमी है।
उन्होंने सवाल किया, "परिसीमन डेटा पर आधारित क्यों नहीं हो सकता? इतनी जल्दी किस बात की है?" उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि पहले जनगणना कराई जाए, किसी भी कमी को दूर किया जाए और उसके बाद ही परिसीमन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
श्री खरगे ने इस मौके का इस्तेमाल कर्नाटक को एक अग्रणी 'नवाचार केंद्र' के रूप में उजागर करने के लिए भी किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य का स्टार्टअप इकोसिस्टम केंद्र की 'स्टार्टअप इंडिया' पहल से पहले से मौजूद है और उससे कहीं अधिक तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक ने 1,300 से अधिक स्टार्टअप को धन दिया है और इसके प्रक्रिया तंत्र का मूल्य 300 अरब डॉलर से अधिक है, जो इसे वैश्विक स्तर पर शीर्ष स्थानों में से एक बनाता है।