नई दिल्ली ..... अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह ‘थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज’ से आने वाले शरणार्थियों को हमेशा के लिए रोक देंगे, ताकि अमेरिका फिर से मजबूत हो सके। थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज का कोई कानूनी मतलब नहीं है, लेकिन आम तौर पर इसका इस्तेमाल अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका और मिडिल ईस्ट के उन देशों के लिए होता है जो लो इनकम या फिर लोअर मिडिल इनकम कैटेगरी में आते हैं।
ट्रम्प ने वॉशिंगटन डीसी में 2 नेशनल गार्ड्स की मौत के बाद गुरुवार को यह ऐलान किया। उन्होंने इस हमले को शरणार्थियों से जोड़कर बताया। ट्रम्प ने कहा कि इमिग्रेशन पॉलिसी की वजह से देश के लोगों की जिंदगी बदतर हो चुकी है। ट्रम्प ने कहा जो लोग अमेरिका के लिए फायदेमंद नहीं हैं या जो हमारे देश से सच्चा प्यार नहीं करते, उन्हें भी हटाया जाएगा। ट्रम्प ने इमिग्रेशन पॉलिसी को और सख्त करने का वादा किया। इससे पहले ट्रम्प प्रशासन ने गुरुवार को ऐलान किया था कि अब 19 देशों से आए प्रवासियों की सख्त जांच की जाएगी। ट्रम्प के थर्ड वर्ल्ड देशों के शरणार्थियों को देश में एंट्री बंद करने का ऐलान एससीआईएस से भी बड़ा है। यह एजेंसी अमेरिका में प्रवासियों से जुड़े काम देखती है। डायरेक्टर जोसेफ एडलो ने गुरुवार को कहा था कि एससीआईएस अब अफगानिस्तान समेत 19 देशों के उन लोगों की जांच करने जा रही है जिन्हें पहले अमेरिका में परमानेंट रेजिडेंसी (ग्रीन कार्ड) मिल चुकी है। एडलो ने बताया कि इन 19 देशों की सूची ट्रम्प के जून 2025 के एक आदेश में जारी की गई थी, जिसमें इन्हें ‘चिंता वाले देश’ कहा गया था। यह नई गाइडलाइन 27 नवंबर से लागू हो गई है। यह सभी पुराने और नए आवेदन पर लागू होगी। इसके तहत इन देशों से आने वालों को जारी हर ग्रीन कार्ड की सख्ती से दोबारा जांच की जाएगी। राष्ट्रपति ने कहा कि अब किसी भी गैर-नागरिक (नॉन-सिटिजन) को कोई सरकारी सुविधा, सब्सिडी या लाभ नहीं दिया जाएगा। जो प्रवासी देश की शांति भंग करेंगे, उनकी नागरिकता भी छीनी जाएगी। ट्रम्प ने कहा कि जो लोग सार्वजनिक बोझ हैं, सुरक्षा के लिए खतरा हैं या पश्चिमी सभ्यता के साथ मेल नहीं खाते, उन्हें भी देश से निकाला जाएगा। ट्रम्प का कहना है कि इन कदमों से अवैध और परेशानी पैदा करने वाली आबादी को कम किया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि दूसरी विश्व युद्ध के बाद अमेरिका में इस तरह की सामाजिक समस्याएं नहीं थीं, लेकिन अब गलत इमिग्रेशन नीतियों की वजह से अपराध और अव्यवस्था बढ़ गई है।