नयी दिल्ली... दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरूवार को कहा कि राजधानी में ठंड से बचाव के लिए राजधानी के संवेदनशील और अधिक भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में लगभग 250 अस्थायी 'पगोडा' रैन बसेरे और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) के 197 स्थायी रैन बसेरे चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विंटर एक्शन प्लान के तहत एम्स-सफदरजंग क्षेत्र में पहले से मौजूद 320 बेड वाले 32 पगोडा रैन बसेरों के अलावा 3 नए पगोडा रैन बसेरे और लगाए गए हैं। इससे इस इलाके में रैन बसेरों की कुल क्षमता बढ़कर 350 बेड हो गई है। उन्होंने बताया कि एम्स और सफदरजंग अस्पताल के आसपास बेघर लोगों की अधिक संख्या को देखते हुए वहां के सबवे क्षेत्र में भी अस्थायी शरण की व्यवस्था की गई। जरूरतमंद लोगों को तुरंत कंबल और बिस्तर उपलब्ध करा जा रहे हैं ताकि उन्हें ठंड से बचाया जा सके। विशेष अभियान के तहत एम्स-सफदरजंग क्षेत्र से लगभग 75 बेघर लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जी. बी. पंत अस्पताल के आसपास भी 8 अस्थायी 'पगोडा' रैन बसेरे स्थापित किए गए हैं। इनमें 80 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है साथ ही, एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष भी चौबीसों घंटे काम कर रहा है।