नयी दिल्ली.... केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने 152 करोड़ रुपये के केनरा बैंक धोखाधड़ी मामले में छह व्यक्तियों को कारावास की सजा सुनाई है।
विशेष अदालत ने इस मामले में एसआरएस रियल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और एसआरएस रियल एस्टेट लिमिटेड सहित दो निजी फर्मों को भी दोषी करार दिया है।
अदालत ने राजेश सिंगला, अनिल जिंदल, बिशन बंसल, नानक चंद तयाल, सीमा नारंग और धीरज गुप्ता को सज़ा सुनाते हुए दोनों कंपनियों पर 50-50 हज़ार का जुर्माना भी लगाया।
एक वरिष्ठ सीबीआई अधिकारी ने कहा, "आरोपी राजेश सिंगला और अनिल जिंदल को पांच साल के कड़े कारावास की सज़ा सुनाई गयी है और दोनों पर 1.2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बिशन बंसल और नानक चंद तयाल पर पांच साल के कड़े कारावास के साथ 80-80 हज़ार का जुर्माना लगाया गया है। सीमा नारंग और धीरज गुप्ता को चार साल के कड़े कारावास के साथ 40-40 हज़ार का जुर्माना भरने के लिये कहा गया है।"
सीबीआई ने यह मामला 2020 में कैनरा बैंक के करनाल (हरियाणा) सर्कल कार्यालय की शिकायत पर दर्ज किया था। आरोप था कि इन व्यक्तियों ने आपस में मिलीभगत कर बैंक के साथ धोखाधड़ी की और 152 करोड़ रुपये की क्रेडिट सीमा/ऋण प्राप्त किया। बाद में इस राशि का इस्तेमाल उस उद्देश्य के लिये नहीं किया गया जिसके लिए ऋण स्वीकृत हुआ था, बल्कि इसे अन्यत्र हस्तांतरित (साइफन ऑफ) कर दिया गया।
जांच में यह स्थापित हुआ कि एसआरएस रियल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और एसआरएस रियल एस्टेट लिमिटेड ने अपने निदेशकों के माध्यम से बैंक को क्रमशः 41.95 करोड़ रुपये और 93.20 करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचाया। इन कंपनियों ने डमी कंपनियों के माध्यम से बिना किसी वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि के ऋण राशि का दुरुपयोग किया था। सीबीआई ने जांच पूरी होने के बाद 31 दिसंबर 2022 को दो आरोप पत्र दाखिल किए थे। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।