नई दिल्ली .... पंजाब के सीएम भगवंत मान गुरुवार को अमृतसर में सिखों के सर्वोच्च तख्त श्री अकाल तख्त साहिब के सामने 40 मिनट तक पेश हुए। ष्टरू भगवंत मान 12 बजे के तय समय से पहले साढ़े 11 बजे अकाल तख्त सचिवालय पहुंच गए थे। ष्टरू भगवंत मान पहले नंगे पैर नजरें झुकाकर गोल्डन टेंपल पहुंचे। यहां माथा टेकने के बाद वह सबूतों से भरे काले रंग के 2 बैग लेकर अकाल तख्त सचिवालय चले गए। पेशी के बाद अकाल तख्त से बाहर निकले सीएम मान ने कहा कि अकाल तख्त को चैलेंज करने की औकात मेरी नहीं है और यही सफाई मैंने अंदर दी है। उधर, जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पंजाब ष्टरू भगवंत ने स्वीकार किया है कि उन्हें सिख सिद्धांत-मर्यादा का ज्ञान नहीं है। बता दें कि अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने 5 जनवरी को एक आपत्तिजनक वीडियो और गोलक समेत दूसरे सिख मुद्दों पर की बयानबाजी को लेकर ष्टरू को तलब किया था। हालांकि अमृतधारी सिख न होने की वजह से सीएम अकाल तख्त की फसील की जगह सचिवालय में पेश होकर तमाम मुद्दों पर स्पष्टीकरण दिया। पेशी के बाद सीएम भगवंत मान ने कहा कि आज मैं निमाणे (विनम्र) सिख के तौर पर सर्वोच्च अकाल तख्त के समक्ष नतमस्तक हुआ हूं। सिंह साहब के पास जो मेरी स्टेटमेंट या पिछले कुछ दिनों में सरकार से संबंधित कामों की कोई शिकायत वगैरह पहुंची, मैंने उस पर अपना पक्ष साफ कर दिया।