नई दिल्ली .... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज असम के कोकराझार की जनता से मुखातिब हुए। कुछ ही हफ्ते बाद इस राज्य में विधानसभा चुनाव कराए जाने हैं। ऐसे में पीएम मोदी ने भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का समर्थन करने की अपील करते हुए जनता के सामने बीते कुछ वर्षों मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को भी रेखांकित किया। पीएम मोदी ने अपने वर्चुअल संबोधन के दौरान सबसे पहले खराब मौसम के कारण कोकराझार न आ सकने को लेकर अफसोस जताया। उन्होंने कहा, ‘मौसम खराब होने की वजह से मैं कोकराझार नहीं आ पा रहा हूं। मैं आप सभी का क्षमाप्रार्थी हूं। यहां गुवाहाटी से ही आपसे संवाद संभव हुआ है। असम की जनता से सीधे जुड़ाव न होने को लेकर खेद प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मैं दिल्ली से निकला था आपके पास आने के लिए, लेकिन मुझे गुवाहाटी में ही उतरना पड़ा और अब मैं यहां से आपके दर्शन भी कर रहा हूं और आपसे बात भी कर रहा हूं। जहां भी मेरी नजर पहुंच रही है, मुझे लोग ही लोग नजर आ रहे हैं और इतनी बड़ी संख्या में माताएं-बहनें भी आशीर्वाद देने आई हैं। आपका ये प्यार मुझ पर कर्ज की तरह है और मेरा हमेशा प्रयास रहा है कि इस कर्ज को मैं आपकी सेवा करके और इस क्षेत्र का विकास करके चुकाऊं।’
बोडो समुदाय की भाषा और संस्कृति पर भी चर्चा
प्रधानमंत्री ने असम की जनता से कहा, ‘आपका प्यार मुझ पर एक कर्ज की तरह है, और मेरा लक्ष्य हमेशा से आपकी सेवा करके और इस क्षेत्र के विकास के लिए काम करके इस कर्ज को चुकाना रहा है। कुछ हफ़्ते पहले, मुझे गुवाहाटी में समृद्ध बोडो संस्कृति को देखने का अवसर मिला था। यह देखकर मुझे गर्व महसूस होता है कि बोडो समुदाय ने अपनी भाषा और संस्कृति को किस तरह से सहेजकर रखा है।’
4,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण
पीएम मोदी ने कहा, भाजपा की डबल इंजन सरकार असम की विरासत के संरक्षण और असम के तेज विकास के लिए निरंतर काम कर रही है। आज यहां इस कार्यक्रम में ही इस क्षेत्र के विकास के लिए 4,500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकापर्ण हुआ है। इसमें से 1,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि बोडोलैंड की सड़कों के लिए खर्च होने जा रही है।प्रधानमंत्री ने कहा कि असम माला अभियान के तीसरे चरण से असम की रोड़ कनेक्टिविटी और अधिक सशक्त होगी।
’असम शांति और विकास का नया अध्याय लिख रहा है’
पूर्वोत्तर में हो रहे बदलावों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘कोकराझार सहित इस पूरे क्षेत्र ने बीते दशकों में बहुत कुछ सहा था, बहुत कुछ खोया था। हमने वो मुश्किल समय देखा है, जब इन पहाड़ियों में बम-बंदूक की ही गूंज सुनाई देती थी।