नयी दिल्ली .... पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति की निगरानी और घटनाक्रम के अनुरूप सक्रिय उपायों की सिफारिश करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में गठित अधिकार प्राप्त मंत्रियों के समूह की शनिवार को यहां पहली बैठक हुई जिसमें इस स्थिति के भारत के विभिन्न क्षेत्रों पर प्रभाव का व्यापक आकलन किया गया।
बैठक के बाद श्री सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसी भी प्रकार के संघर्ष के प्रभाव से भारतीय जनता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
रक्षा मंत्री ने सक्रिय, समन्वित और दूरदर्शी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया और बदलते परिदृश्य को देखते हुए सतर्क रहने के महत्व को रेखांकित किया।
रक्षा मंत्रालय ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि यहां कर्तव्य भवन-2 में आयोजित बैठक में वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी , विद्युत मंत्री मनोहर ला, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी, नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल हुए। मंत्री समूह ने विकसित होती स्थिति और उसके भारत के विभिन्न क्षेत्रों पर प्रभाव का समग्र आकलन किया।
बैठक में अधिकार प्राप्त सचिव समूहों द्वारा प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें प्रमुख क्षेत्रीय मुद्दों और स्थिति से निपटने के लिए पहले से लागू नीतिगत उपायों का विवरण दिया गया।
श्री सिंह ने सचिवों के समूह को स्थिति की निकट से निगरानी जारी रखने, मध्यम से दीर्घकालिक तैयारी का दृष्टिकोण अपनाने, उच्च स्तर का समन्वय बनाए रखने और त्वरित निर्णय सुनिश्चित करने के लिए मार्गदर्शन दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी नीतिगत प्रयास समन्वय में रहें और समयबद्ध तरीके से लागू किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को सक्षम और तैयार बनाए रखने के लिए सभी संबंधित मंत्रियों से रचनात्मक सुझाव मांगे जायें।