नई दिल्ली ... पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। भाजपा ने ममता सरकार के खिलाफ विधानसभा चुनाव से पहले मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को एक आरोप पत्र ‘चार्जशीट’ जारी की है। इस आरोप पत्र के जरिए शाह ने तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन को ‘अराजकता और भ्रष्टाचार का युग’ बताया है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि बंगाल की आत्मा को बचाने और इसे भयमुक्त बनाने का चुनाव है।
अमित शाह ने बंगाल में घुसपैठ के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश की सुरक्षा बंगाल के चुनावी नतीजों से अटूट रूप से जुड़ी हुई है। आज देश में घुसपैठियों के प्रवेश का केवल एक ही मुख्य रास्ता बचा है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता हो रहा है। अगर बंगाल को घुसपैठ से मुक्त करना है, तो यहां सत्ता परिवर्तन अनिवार्य है। अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के लिए सीमावर्ती इलाकों में डेमोग्राफी के साथ खिलवाड़ होने दिया। तंज कसते हुए गृह मंत्री ने कहा कि ममता बनर्जी ने हमेशा विक्टिम कार्ड की पॉलिटिक्स खेली हैं। कभी उनका पैर टूट जाता है, कभी उनके सिर पर पट्टी बंध जाती है, कभी वह बीमार पड़ जाती हैं और कभी वह चुनाव आयोग के सामने खड़ी होकर बेबसी का नाटक करती हैं। चुनाव आयोग को गालियां देती हैं। लेकिन मैं उन्हें यह बताने आया हूं कि बंगाल के लोग अब विक्टिम कार्ड की इस पॉलिटिक्स को अच्छी तरह समझ चुके हैं।
15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन है चार्जशीट : शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह चार्जशीट, टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन है। सोनार बांग्ला का स्वप्न दिखाकर सिंडिकेट राज स्थापित कर बंगाल की जनता का शोषण करने वाले शासन की कहानी है। टीएमसी के कुशासन में बंगाल भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बन चुका है। ऊपर से नीचे तक आपराधिक सिंडिकेट जनता को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास के अभाव में बंगाल उद्योग के लिए एक प्रकार से कब्रिस्तान बन चुका है। अमित शाह ने कहा कि यह चार्जशीट केवल भाजपा की नहीं, बल्कि बंगाल की पीड़ित जनता की आवाज है। 2011 से ही भाजपा इस अराजकता के खिलाफ संघर्ष कर रही है और अब समय आ गया है कि जनता इसका हिसाब ले।