नयी दिल्ली.... भारत और बंगलादेश ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की इच्छा दोहराते हुए साझेदारी की संभावना वाले क्षेत्रों का पता लगाने पर सहमति व्यक्त की है।
भारत की यात्रा पर आये बंगलादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान और विदेश मंत्री डा एस जयशंकर के बीच बुधवार को यहां हुई मुलाकात के दौरान यह सहमति बनी। डा जयशंकर ने वार्ता के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को विभिन्न आयामों में मजबूत करने पर चर्चा की। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
उन्होंने कहा ," आज दोपहर बंगलादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान और उनके प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी कर खुशी हुई। हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों को विभिन्न आयामों में मजबूत करने पर चर्चा की। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और निकट संपर्क में बने रहने पर सहमति बनी।"
विदेश मंत्रालय ने बताया कि बैठक में बंगलादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर भी उपस्थित थे। विदेश मंत्री ने बंगलादेश की नयी सरकार के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ने और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की भारत की इच्छा को दोहराया। दोनों पक्षों ने संबंधित द्विपक्षीय तंत्रों के माध्यम से साझेदारी को और गहरा करने के प्रस्तावों की संभावनाओं का पता लगाने पर सहमति व्यक्त की। आगामी आधिकारिक बैठकों के शीघ्र आयोजित होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, दोनों पक्षों ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
विदेश मंत्री रहमान ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी मुलाकात की।श्री रहमान तीन दिन की यात्रा पर मंगलवार शाम यहां पहुंचे थे और वह गुरुवार सुबह मॉरिशस रवाना होंगे।
उनकी इस यात्रा को बंगलादेश में नयी सरकार के गठन के बाद दोनों देशों के संबंधों को फिर से सामान्य बनाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। बंगलादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से अपदस्थ किये जाने के बाद से अंतरिम सरकार के कार्यकाल में दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास पैदा हो गयी थी। बंगलादेश में चुनाव के बाद नयी सरकार आने के बाद से दोनों देश संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं।