नयी दिल्ली ..... सरकार पश्चिम एशिया संकट के बीच तेल पर निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए तेजी से कदम उठा रही है।
वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने सोमवार को यहां अंतर मंत्रालय ब्रीफिंग में पश्चिम एशिया की स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि मौजूदा भू राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य बनी हुई है और निर्बाध घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकांश गैस वितरक केन्द्र रविवार को भी खुले रहे है। देश में ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग लगभग 98 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ अभियान जारी है और पिछले महीने से अब तक देश भर में 1.28 लाख से अधिक छापे मारे गए हैं और 59,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि कुछ दिन पहले होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षित रूप से पार करने वाले भारतीय ध्वज वाले एलपीजी पोत जग विक्रम के मंगलवार को कांडला पहुंचने की उम्मीद है। इस पर 20 हजार 400 टन एलपीजी गैस लदी है।
पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद से खाड़ी क्षेत्र से 2,177 भारतीय नाविक सुरक्षित रूप से स्वदेश लौट आए हैं, इनमें पिछले 24 घंटों में आने वाले 93 लोग भी शामिल हैं। भारतीय मिशन क्षेत्र में जहाजों पर मौजूद भारतीय नाविक दल के सदस्यों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं और भारत लौटने के उनके प्रयासों में सहयोग कर रहे हैं।
भारी उद्योग मंत्रालय की ओर से बताया गया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और महत्वपूर्ण खनिज उत्पादन को बढाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के मद्देनजर वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। इससे ईंधन की कीमतों में स्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला में संभावित व्यवधानों को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
उन्होंने कहा कि इन घटनाक्रमों ने परंपरागत ईंधन पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के लिए महत्वपूर्ण खनिजों में घरेलू क्षमताओं को मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
संकट की शुरुआत के बाद से, मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की वृद्धि को बनाए रखने और ईवी घटकों में आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों को दूर करने के लिए समन्वित उपाय किए हैं।
मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और उनके उत्पादन की गति को बनाए रखने के लिए 10,900 करोड़ रुपये की पीएम ई-ड्राइव योजना के विस्तार को मंजूरी दे दी है। ई-2डब्ल्यू सेगमेंट को तीन महीने बढ़ाकर 31 जुलाई तक कर दिया गया है। ई-रिक्शा और ई-कार्ट सहित ई-3डब्ल्यू सेगमेंट को दो साल के लिए बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक कर दिया गया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि सभी तेलशोधन संयंत्र (रिफाइनरियां) पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ पूरी क्षमता से संचालित हैं, जबकि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जा रहा है। इसके अलावा घरेलू खपत पूरी करने के लिए तेलशोधन संयंत्रों में एलपीजी का उत्पादन बढ़ाया गया है।