नई दिल्ली ... भारत को जल्द ही पहला प्लास्टिक नोट मिल सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक बार फिर से अपने इस सालों पुराने विचार पर आगे बढ़ने जा रहा है। अगर ऐसा हुआ तो यह एक बहुत बड़ा बदलाव होगा। मौजूदा समय में आरबीआई की तरफ से कागज के नोट प्रिंट किए जाते हैं। यह एक खास प्रकार का पेपर होता है।
रिपोर्ट के अनुसार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की पिछली दो बोर्ड मीटिंग के दौरान प्लास्टिक नोट्स लाने की चर्चा हुई। यह दोनों मीटिंग पटना और मुंबई में हुई हैं। इससे पहले 2012 में तत्कालीन सरकार ने पांच शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्लास्टिक नोट लाने की तैयारी में थी। लेकिन तब कुछ तकनीकी चुनौतियों के कारण इस कोशिश को रोकना पड़ा था। अब एक बार फिर प्लास्टिक के नोट लाने की चर्चा हो रही है। इसके पीछे दो बड़े कारण हो सकते हैं। पहला लागत से जुड़ा हुआ है। दूसरा बड़ा कारण लंबे समय तक के लिए उपयोग में रहे। रिपोर्ट के अनुसार जल्द ही आरबीआइ की तरफ से प्लास्टिक बैंक नोट के पायलट प्रोजेक्ट का एलान हो सकता है। पालीमर नोट लाने के पीछे की बड़ी वजह शेल लाइफ भी है। मौजूदा समय में कागज से बने नोट की शेल लाइफ काफी कम होती है। हर वर्ष लाखों की संख्या में नोट खराब हो रहे हैं, जिन्हें चलन से बाहर कर दिया जाता है। इन नोटों के बदल नए नोट छापे जाते हैं जिसकी लागत लगातार बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में आरबीआई का करेंसी नोट छापने वाले खर्च 6,372.8 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 5,101.4 करोड़ था। इसका मुख्य कारण नोटों की मांग में बढ़ोतरी होना था। इसी तरह, 2024-25 में 23.8 अरब खराब नोट चलन से हटाए गए।