नई दिल्ली ... केंद्र सरकार ने सीबीएसई से जुड़े मामलों में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है। इसके साथ ही सीबीएसई द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया गया है। सूत्रों के अनुसार यह जांच समिति ओएसएम सेवाओं की खरीद, टेंडर प्रक्रिया और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करेगी।
जारी आदेश के अनुसार इस जांच समिति की अध्यक्षता कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान करेंगी। समिति को सीबीएसई द्वारा ओएसएम सिस्टम के लिए सेवाओं की खरीद से जुड़े सभी मामलों की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकारी आदेश में कहा गया है कि समिति की अध्यक्ष एस. राधा चौहान आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों और कार्यालयों के अधिकारियों की सहायता भी ले सकेंगी। वहीं समिति को सचिवीय सहायता कैपेसिटी बिल्डिंग कमेटी द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने जांच समिति को अपनी रिपोर्ट एक महीने के भीतर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को सौंपने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि पिछले दिनों से सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली, मूल्यांकन प्रक्रिया और ओएसएम टेंडर प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठे थे। इसी बीच छात्रों और विभिन्न संगठनों ने भी पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की थी। अब सरकार के इस फैसले को सीबीएसई मामलों में जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। बताते चलें कि दिल्ली के वेदांत श्रीवास्तव ने भी 12वीं की परीक्षा दी थी। फिजिक्स में 65 नंबर मिले तो उन्होंने आवाज उठाई। रीवैल्युएशन में कॉपी मिली तो गड़बड़ी का पता चला। पहले उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। ट्रोलर्स ने उन्हें देशद्रोही तक कहा, बाद में बोर्ड ने गलती मानी और माफी मांगी। रांची के 17 साल के सार्थक सिद्घांत टेक रिसर्चर हैं। उन्होंने भी परीक्षा दी थी।