नयी दिल्ली.... इस्पात मंत्रालय ने गैर-लाइसेंसधारी कंपनियों से कहा है कि आयात के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) खारिज होने के बाद बार-बार आवेदन न करें, इसकी बजाय अपील दायर करें।
मंत्रालय ने शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि कई कंपनियाँ इस्पात आयात के लिए एनओसी के लिए बार-बार आवेदन कर रही हैं, जबकि आवेदन पहले ही अस्वीकार कर दिया गया है। उसने कहा है कि यदि किसी गैर-लाइसेंसधारी द्वारा बीआईएस मानकों के अंतर्गत इस्पात आयात के लिए आवेदन, इस्पात मंत्रालय की तकनीकी समिति द्वारा अस्वीकार कर दिया जाता है, तो संबंधित आवेदक, तकनीकी समिति के निर्णय से संतुष्ट नहीं होने पर अस्वीकृति के तीन महीने के भीतर अपीलीय समिति के समक्ष अपील दायर कर सकता है।
मंत्रालय ने सलाह दी है कि ऐसे मामलों में आवेदक अपनी अपील सिम्स (स्टील आयात निगरानी प्रणाली) पोर्टल पर ही दायर कर सकते हैं, जिस पर अपीलीय समिति आवेदक को व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई का अवसर देने के बाद विचार करेगी। यदि आवेदक दी गई तिथि पर उपस्थित नहीं होता है, तो समिति अभिलेख में उपलब्ध सामग्री के आधार पर मामले का निर्णय लेगी। ऐसे मामलों में अपील प्राप्त होने के 15 दिन के भीतर अपीलीय समिति मामले का निर्णय लेगी।