नयी दिल्ली... आम आदमी पार्टी (आप) ने मोदी सरकार पर जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे हमेशा की तरह देशहित में गलत नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाते रहेंगे और उनकी पार्टी छापों से डरने वाली नहीं हैं।
आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज के घर हुई ईडी की छापेमारी को लेकर भाजपा और मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया। ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस पूरे मामले को फर्जी और केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग बताया।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा “आप नेता सौरभ भारद्वाज के घर ईडी की रेड मोदी सरकार द्वारा एजेंसीज के दुरुपयोग का एक और मामला है। मोदी सरकार आम आदमी पार्टी के पीछे पड़ गई है। जिस तरह “आप” को टारगेट किया जा रहा है, ऐसे इतिहास में किसी पार्टी को नहीं किया गया।”
उन्होंने कहा, “आप को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि मोदी सरकार की गलत नीतियों और भ्रष्ट कामों के ख़िलाफ़ सबसे मुखर आवाज “आप” की है। मोदी सरकार हमारी आवाज दबाना चाहती है। ये कभी नहीं होगा। आप भाजपा की इन छापों से डरने वाली नहीं। हम हमेशा की तरह देश हित में ग़लत नीतियों और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते रहेंगे।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आज सौरभ भारद्वाज पर रेड की गई, क्योंकि सोमवार से पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिग्री को लेकर चर्चा है कि उनकी डिग्री फर्जी है। ये रेड उस से ध्यान भटकाने के लिए की गई है। सत्येंद्र जैन को भी तीन साल जेल में रखा और बाद में सीबीआई और ईडी ने कोर्ट में क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल की। इससे साफ़ है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं पर किया गए सारे केस फर्ज़ी और झूठे है।
आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि 25 अगस्त से पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर चर्चा चल रही थी और जब यह सच सामने आया, तो भाजपा ने इससे ध्यान भटकाने के लिए सौरभ भारद्वाज के घर पर ईडी की रेड कराई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा मानती है कि श्री मोदी ने अपनी डिग्री के बारे में देश से झूठ बोला या भाजपा ने खुद देश को अंधेरे में रखा?
उन्होंने कहा कि भाजपा का एकमात्र तरीका है कि जब कोई बड़ा मुद्दा उठता है, तो ईडी या सीबीआई के जरिए किसी के घर रेड कराकर खबर बदल दी जाए। सौरभ भारद्वाज पर रेड को उन्होंने पूरी तरह से फर्जी करार दिया, क्योंकि जिस समय के मामले (2018-19 में दिल्ली के 24 अस्पताल निर्माण परियोजनाओं) का हवाला दिया जा रहा है, उस समय सौरभ भारद्वाज मंत्री नहीं थे। श्री सिसोदिया ने कहा कि गैर-मंत्री पर रेड डालना हास्यास्पद है और यह केवल मोदी की डिग्री विवाद से ध्यान भटकाने की साजिश है।
श्री सिसोदिया ने कहा कि न तो फर्जी डिग्री चलेगी, न ही फर्जी केस। जनता की अदालत में डिग्री के फर्जी होने का खुलासा हो चुका है और अदालतों में आप नेताओं पर लगाए गए केसों के फर्जी होने का खुलासा हो रहा है। सत्येंद्र जैन के मामले का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उनका केस फर्जी साबित हुआ और बाकी केस भी फर्जी साबित होंगे।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि सौरभ भारद्वाज पर बनाया गया मामला पूरी तरह से निराधार, झूठा और बेबुनियाद है। जिस मामले में छापेमारी हुई है, उस समय सौरभ भारद्वाज मंत्री भी नहीं थे, फिर भी उन पर झूठा केस बनाकर फंसाने की कोशिश की जा रही है। सत्येंद्र जैन को तीन साल तक जेल में रखने के बाद सीबीआई ने स्वीकार किया कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और मोदी सरकार की नीति बन गई है कि आप नेताओं पर झूठे मुकदमे बनाकर उन्हें जेल में डाला जाए, ताकि उन्हें दबाया और झुकाया जा सके।
श्री सिंह ने सवाल उठाया कि सौरभ भारद्वाज के घर पर अचानक 26 अगस्त को ही ईडी की छापेमारी क्यों हुई? ऐसा इसलिए, क्योंकि इसका मकसद देश में चल रही श्री मोदी की डिग्री की चर्चा को दबाना है। भाजपा मुद्दा बदलने के लिए ऐसी कार्रवाई करती है। आप नेताओं की ईमानदारी और सच्चाई को पूरा देश जानता है और झूठे मुकदमों से न तो उन्हें परेशान किया जा सकता है, न झुकाया जा सकता है, न ही रोका जा सकता है।
आप की वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फर्जी डिग्री से देश के लोगों का ध्यान भटकाने के लिए सौरभ भारद्वाज के यहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापे मारे हैं। सुश्री आतिशी ने कहा जब एक आरटीआई कार्यकर्ता ने मोदी जी की डिग्री दिखाने को कहा तो दिल्ली यूनिवर्सिटी डिग्री दिखाने से इन्कार कर हाईकोर्ट चली गयी। आखिर यह कैसी यूनिवर्सिर्टी है, जिसे इस बात का गर्व नहीं है कि देश के प्रधानमंत्री उसके पूर्व छात्र हैं। जिस समय का यह केस बताया जा रहा है, उस समय सौरभ भारद्वाज मंत्री ही नहीं थे, यह पूरा केस ही झूठा है।
उन्होंने आज कहा कि यह छापेमारी पूरी तरह से फर्जी है और इसका मकसद प्रधानमंत्री की डिग्री को लेकर सोमवार से देशभर में चल रही चर्चा से ध्यान भटकाना है। उन्होंने बताया कि एक आरटीआई कार्यकर्ता ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) से आदेश प्राप्त किया था कि दिल्ली यूनिवर्सिटी को श्री मोदी की डिग्री दिखानी होगी लेकिन विश्वविद्यालय ने ऐसा नहीं किया और सीआईसी के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट चली गई।
आप नेता ने सवाल उठाया कि अगर दिल्ली विश्वविद्यालय को इस बात पर गर्व नहीं है कि देश के प्रधानमंत्री उनके छात्र थे, तो यह कैसा विश्वविद्यालय है? सुश्री आतिशी ने उदाहरण दिया कि जब रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं, तो दिल्ली यूनिवर्सिटी ने उन्हें बुलाकर सम्मानित किया, क्योंकि उनकी छात्रा मुख्यमंत्री बनी लेकिन दिल्ली विश्वविद्यालय श्री मोदी की डिग्री को छिपाना चाहती है, जिससे देश में सवाल उठ रहे हैं।
आप नेता ने दावा किया कि श्री मोदी जी डिग्री पर हो रही चर्चा को दबाने के लिए श्री भारद्वाज के घर पर फर्जी ईडी रेड कराई गई। उन्होंने कहा कि यह केस पूरी तरह से बेबुनियाद है, क्योंकि जिस समय का मामला (2018-19 में दिल्ली के 24 अस्पताल निर्माण परियोजनाओं का) बताया जा रहा है, उस समय सौरभ भारद्वाज मंत्री ही नहीं थे। वह दो साल बाद मंत्री बने।
उन्होंने कहा कि सत्येंद्र जैन पर भी फर्जी केस में रेड हुई और सालों बाद सीबीआई और ईडी को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करनी पड़ी, क्योंकि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। भाजपा की हर साजिश नाकाम हुई है और आगे भी होगी। यह छापेमारी केवल ध्यान भटकाने और “आप” को डराने की साजिश है, लेकिन “आप” डरने वाली नहीं है।