आईएस (191) गैंग के खूंखार शूटर उमेश उर्फ गोरा राय ने 5 लाख की मांगी रंगदारी
- एक्सटॉर्शन मनी न मिलने पर गोली मारकर लाश को गंगा में बहा देने की दी धमकी
- धमकी मिलने के बाद खौफजदा हैं पीड़ित, पुलिस अफसरों के संज्ञान में पहुंचा मामला
- बेखौफ बदमाशों का तांडव सीसीटीवी कैमरे में हुआ कैद, जांच पड़ताल में जुटी पुलिस
मनीष सिंह/संजय कुशवाहा
गाजीपुर (डीएनएन)। आईएस (191) गैंग के खुंखार शार्प शूटर उमेश राय उर्फ गोरा राय एक बार फिर से खौफ का पर्याय बन गया है। 24 अगस्त को करीमुद्दीनपुर थाने से महज एक किलोमीटर दूर लट्ठूडीह बाजार में सीसीटीवी कैमरों की नजरों के सामने आतंक का पर्याय बने गोरा राय और उसके गुंडों ने ऐसा तांडव मचाया कि आम आदमी दहशत में आ गये हैं। इसने दो लोगों से 5 लाख रुपये की गुंडा (रंगदारी) टैक्स की मांग की। यही नहीं इसने अपहरण की कोशिश और हत्या की खुली धमकी देकर जिले की कानून व्यवस्था को चुनौती दे दी है। एएसपी ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर को दिये गये प्रार्थना पत्र के मुताबिक 24 अगस्त की शाम 6.30 बजे करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के मसौनी निवासी मृत्युंजय उर्फ चंदन राय और भांवरकोल थाना क्षेत्र के मरगुपुर निवासी उमेश तिवारी दोनों लट्ठूडीह बाजार में एवॉन मार्ट के बाहर खड़े होकर बात कर रहे थे। यह जगह करीमुद्दीनपुर थाने से सिर्फ एक किलोमीटर दूर है और सीसीटीवी कैमरों से लैस है। फिर भी गोरा राय के गुर्गे रविकांत मिश्रा और प्रताप नारायन मिश्रा ने फिल्मी स्टाइल में एंट्री मारी और दोनों लोगों से 5 लाख रुपये गुंडा टैक्स की डिमांड किये। दोनों ने दहशत फैलाते हुए कहा कि हम गोरा राय के शार्प शूटर हैं। गाजीपुर में हमारा राज चलता है। टैक्स दो, वरना जिंदगी का हिसाब खत्म! इसपर जब दोनों लोगों ने पैसे देने से मना किया, तो बदमाशों ने धमकी दी कि 5 लाख रुपये अभी दो, नहीं तो अपहरण करके लाश गंगा में बहा देंगे! विरोध करने पर रविकांत और प्रताप ने गोरा राय को फोन लगाया। मिनटों में गोरा अपने भतीजे दुर्गेश राय उर्फ विक्की और पांच अज्ञात गुंडों के साथ चार पहिया गाड़ी से आ धमका। सीसीटीवी कैमरों की नजर में खुलेआम यह तांडव हुआ, लेकिन माफिया के हौसले इतने बुलंद थे कि थाने की नजदीकी का भी उसे कोई डर नहीं रहा। गोरा राय और उसके गुंडों ने दोनों लोगों को गाड़ी में खींचने की कोशिश की। विरोध करने पर मां-बहन की गालियां दी और लोहे के रॉड व लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। बदमाशों के हाथों में चमचमाती पिस्टल और अन्य अत्याधुनिक हथियार देखकर बाजार में मौजूद लोग सकते में आ गये। गोरा ने गुस्से में ललकारते हुए कहा इन दोनों को गोली मारकर लाश गंगा में बहा दो! कई बार फोन किया, फिर भी रंगदारी नहीं दिये। कोई सबूत नहीं बचेगा!
बाजार में भीड़ जमा होने की वजह से बदमाश धमकी देते हुए फरार हो गये, लेकिन जाते-जाते बोले कि ‘आज भीड़ ने बचा लिया, लेकिन कल से तुम लोग कहीं नहीं दिखोंगे’। तुम्हारी हत्या पक्की है! इस खौफनाक वारदात ने गाजीपुर में सनसनी फैला दी है।
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वर्ष 2023 की कार्रवाई के बाद भी बेलगाम है गोरा राय
गोरा राय की गुंडागर्दी को रोकने के लिए प्रशासन ने 2023 में जोरदार कार्रवाई की थी। उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा 14(1) के तहत गोरा राय की अवैध कमाई से अर्जित करोड़ों की बेनामी संपत्ति कुर्क की गई थी। 8 मई 2023 को वाराणसी में 4.5 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी, 29 मई 2023 को भावरकोल के शेरपुर कला में 7 करोड़ 17 लाख रुपये का आलीशान बंगला और मुहम्मदाबाद के प्रभात नगर कॉलोनी में 10 करोड़ रुपये की संपत्ति को सील किया गया। इसके बाद 7 जुलाई 2023 को 4.6 करोड़ रुपये की एक और प्रॉपर्टी पर कुर्की का हथौड़ा चला था। गोरा राय गाजीपुर के टॉप-10 अपराधियों की शुमार में शामिल रहा है और मुख्तार अंसारी का सबसे भरोसेमंद शार्प शूटर भी कहा जाता है। हत्या, अपहरण, फिरौती और मारपीट जैसे 25 से अधिक आपराधिक मामले उसके नाम दर्ज हैं। जून 2024 में गोरा और उसके साथी अंगद राय को जेल में एक कैदी की पिटाई और जातिसूचक गालियां देने के मामले में 5 साल की सजा और 10,000 रुपये का जुर्माना हुआ था।
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पीड़ित ने जानमाल के सुरक्षा की लगाई गुहार
पीड़ित मृत्युंजय राय और उमेश तिवारी ने ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अतुल कुमार सोनकर को प्रार्थना पत्र देकर अपनी और अपने परिवार की जान की गुहार लगाई है। उन्होंने साफ कहा कि प्रशासन की ढिलाई और बदमाशों को खुली छूट के कारण हमारी जान खतरे में है। थाने से एक किमी दूर और सीसीटीवी की नजर में ऐसी वारदात हुई है। यदि भविष्य में हमलोगों के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसका जिम्मेदार गोरा राय और उसके गुंडों की होगी। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि थाने से चंद फासले की दूरी पर यह घटना हुई है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि बदमाशों के अंदर से पुलिस का भय पूरी से खत्म हो गया है।
वर्जन
मामला मेरे संज्ञान में है। घटना के सम्बंध में प्रार्थनापत्र मिला है। मैंने सीओ मुहम्मदाबाद को मामले की जांच करने का आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिया है। उचाधिकारियों के संज्ञान में मामला पहुंच चुका है। पुलिस इस मामले में अपनी कार्रवाई कर रही है। अतुल कुमार सोनकर-एएसपी ग्रामीण