नयी दिल्ली....राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक अराधे और पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपुल मनुभाई पंचोली को उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया है।
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम की सिफारिश के आधार पर उच्चतम न्यायालय में दोनों न्यायाधीशों की नियुक्ति की है।
न्यायमूर्ति अराधे का जन्म 13 अप्रैल 1964 को हुआ। उन्होंने 12 जुलाई 1988 को अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर में प्रैक्टिस शुरू की। उनका न्यायिक करियर के शुरुआत 2009 में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त के साथ हुआ था। उन्हें 2011 में स्थायी न्यायाधीश बनाया गया था। उन्हें 2016 में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया गया और 2018 में तीन महीने के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया। उन्होंने 17 नवंबर, 2018 को कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली और 2022 में कुछ महीनों के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया। जुलाई 2023 में, उन्हें तेलंगाना उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। जनवरी 2025 में उन्हें बॉम्बे उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित किया गया जहां वह वर्तमान में कार्यरत हैं।
न्यायमूर्ति पंचोली का जन्म 28 मई, 1968 को हुआ था। वह सितंबर 1991 में बार में शामिल हुए और गुजरात उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस शुरू की। उन्हें एक अक्टूबर, 2014 को गुजरात उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया और 10 जून, 2016 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति की पुष्टि हुई। लगभग एक दशक तक गुजरात उच्च न्यायालय में सेवाएं देने के बाद जुलाई 2023 में उनका पटना स्थानांतरण हुआ। पटना उच्च न्यायालय में उनका स्थानांतरण कर दिया गया जहां वह मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए।