गाजीपुर। जिला जेल में एक और खुंखार अपराधी ने अपना डेरा जमा लिया है। बहुचर्चित अलीनगर मर्डर केस में फरार चल रहे इस अपराधी ने बीते 11 मार्च को किसी पुराने मुकदमे में जमानत तुड़वाकर खुद को गाजीपुर सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया और पुलिस कस्टडी में जेल में दाखिल होकर खुद को चंदौली जिले की पुलिस से सुरक्षित कर लिया। इसकी जानकारी चंदौली पुलिस को कई घंटे बाद हुई। इस खुंखार अपराधी के ऊपर कई मर्डर केस व अन्य संगीन मामले दर्ज है। जमानत पर जेल से बाहर निकलने के बाद यह अपना शिकार तलाशता है और मौका मिलते ही उसका काम तमाम कर खुद को फिर से जेल में सुरक्षित कर लेता है। पुलिस के साथ आंख मिचौली का खेल खेलना इस खुंखार अपराधी की फितरत में शामिल है। अपने तगड़े नेटवर्क से लिए पुलिस महकमे में पापुलर यह अपराधी करंडा थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। अपने आपराधिक कृतों से अकूत धन कमाकर इसने अपनी गैंग को आर्थिक रुप से काफी मजबूत कर दिया है। रियल स्टेंट हो या फिर शराब तस्करी का अवैध कारोबार हर जगह इसकी घुसपैठ है। यहां बात कुख्यात अपराधी रवि उर्फ दिग्विजय यादव पुत्र रामकेवल यादव निवासी लोनेपुर थाना करंडा की हो रही है। बीते 7 मार्च को चंदौली जिले के अलीनगर क्षेत्र के बरहुली गांव में मकान बनवा रहे पवन यादव पुत्र विनोद यादव निवासी कुकुढ़ा थाना शादियाबाद जिला गाजीपुर की दिनदहाड़े ईंट-पत्थर से कूंचकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रवि यादव समेत उमेश यादव उर्फ छोटू पुत्र सुरेश यादव निवासी कुसुम्ही कलां थाना नंदगंज व दीपक यादव पुत्र रमेश यादव निवासी नंदगंज के खिलाफ चंदौली जिले के अलीनगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। मौके से ग्रामीणों ने उमेश यादव को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया था, लेकिन रवि यादव व उसका साथी दीपक मौके से फरार हो गये थे। अलीनगर सनसनी मर्डर केस के मुख्य आरोपित खुंखार अपराधी रवि यादव को पकड़ने के लिए चंदौली जिले की क्राइम ब्रांच की टीम कई दिनों तक जिले में उसके छिपने वाले सभी ठिकानों पर छापा मारती रही, लेकिन वह नहीं मिला। उसके परिवार के कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। रवि तक पहुंचने में चंदौली पुलिस द्वारा लगाये गये सभी हथकंडे बेकार हो गये। इसी दौरान उसने चंदौली पुलिस को चकमा देकर गाजीपुर कोर्ट में सरेंडर कर खुद को जेल में सुरक्षित कर लिया।
पत्रकार राजेश मिश्रा मर्डर केस में भी शामिल था रवि यादव
ताबड़तोड़ कई सनसनीखेज वारदातों को अंजाम देकर हमेशा पुलिस की हिट लिस्ट में ऊपर रहने वाला रवि यादव कोई मामूली अपराधी नहीं है। 21 अक्तूबर 2017 में करंडा थाना क्षेत्र के ब्राह्नमणपुरा गांव निवासी पत्रकार राजेश मिश्रा की अलसुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमले में पत्रकार का छोटा भाई अमितेश मिश्रा भी बदमाशों की गोली से घायल हो गया था। इस मामले में राजू यादव नामजद आरोपित है। केस अभी कोर्ट में विचाराधीन है।
टीन-एजरों को गैंग में करता है भर्ती
अपराध जगत से जुड़े सूत्रों के मुताबिक रवि यादव के गैंग में करंडा समेत नंदगंज, शादियाबाद व आजमगढ़ जिले के कई टीन-एजर युवक शामिल है। इन युवकों को अवैध धंधों में शामिल कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत कराने के बाद रवि यादव उन्हें अपना गुर्गा बनाता है।
आजमगढ़ के एक बाहुबली पूर्व सांसद का करीबी है रवि यादव
सूत्रों के मुताबिक काफी कम उम्र में रवि यादव आजमगढ़ जिले के एक पूर्व सांसद के संरक्षण में आया और वहीं से उसने जरायम की दुलिया में अपना पहला कमद रखा। फिर क्या था इसके बाद उसने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। बिहार के भी कई बाहुबली नेता रवि यादव के शरणदाता है।
रवि को रिमांड पर लेने की तैयारी में जुटी चंदौली पुलिस
पवन मर्डर केस से जुड़े कई पहलुओं को सुलझाने के लिए अब चंदौली पुलिस रवि यादव को रिमांड पर लेने की तैयारी में जुट गई है। सूत्र बताते है कि इसके लिए चंदौली पुलिस कागजी कार्रवाई पूरी करने में जुटी हुई है।