गाजीपुर। विद्युत वितरण खंड चतुर्थ जमानियां के अंतर्गत उपकेन्द्र भदौरा के उसिया फीडर के ग्राम उसिया में एक निजी आईस फैक्ट्री पर अवैध तरीके से लगाये गये ट्रांसफार्मर के ब्लास्ट होने के गम्भीर मामले के मुख्य आरोपित चर्चित ठेकेदार सद्दाम को जिले की क्राइम ब्रांच ने दबोच लिया है। बताते है कि ब्लास्टिंग के दौरान एक लाइनमैन समेत चार लोग गम्भीर रुप से झुलस भी गये थे। इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के निर्देश पर तत्कालीन एसडीओ कमलेश प्रजापति व जेई शशिकांत पटेल को जहां सस्पेंड का दिया गया था वहीं संविदा लाइनमैन मंटू सिंह कुशवाहा व एसएसओ आजाद सिंह कुशवाहा को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया था। इस मामले में लाइनमैन मंटू व ठेकेदार सद्दाम के खिलाफ दिलदारनगर थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। जांच में पता चला था कि विभाग से चोरी किये गये ट्रांसफार्मर को बिना किसी अधिकारी से अनुमति लिए बगैर आईस फैक्ट्री पर लगाया गया था। चार दिन पूर्व बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने वांछित चले रहे ठेकेदार सद्दाम के उसिया स्थिति पैतृक आवास पर छापा भी मारा था जहां से चार ट्रांसफार्मर जो अलग-अलग क्षमता के थे और काफी मात्रा में अन्य विद्युत यंत्र बरामद हुए थे। बताते चले कि ठेकेदार सद्दाम यहां के एक्सईएन समेत विभाग के कई अन्य अधिकारियों का काफी करीबी था। पूर्व के एक जूनियर इंजीनियर के साथ मिलकर सद्दाम ने विभाग के काफी यंत्रों की हेराफेरी की थी। वर्तमान में उक्त जूनियर इंजीनियर शायद जौनपुर जिले में कार्यरत है। अपनी मजबूत पकड़ के चलते सद्दाम के खिलाफ जिले के विभागीय अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते थे। बताते चले कि विभागीय जांच में यह पता चल गया है कि ठेकेदार सद्दाम विगत कई वर्षो से विभाग में घुसपैइ जमाकर विद्युत यंत्रों की हेराफेरी कर रहा था। जब जांच रिपोर्ट ऊर्जा मंत्री एके शर्मा तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल सद्दाम को दबोचने के लिए पुलिस उच्चाधिकारियों को निर्देश दिया। बताते चले कि शनिवार की देर रात में जिले की क्राइम ब्रांच ने दबिश डालकर सद्दाम को दबोच लिया। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अभी ठेकेदार सद्दाम के पकड़े जाने की पुष्टि नहीं की है।