सैदपुर, गाजीपुर। खानपुर थाना क्षेत्र के ऊचौरा गांव में शुक्रवार को पुरानी रंजिश को लेकर बदमाशों ने दो युवकों के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद बाइक सवार बदमाश मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद एसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गये। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास मौजूद सभी सीसीटीवी कैमरा के फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है।
खानपुर के रामपुर चिलौना गांव के रहने वाले 18 वर्षीय अमन चौहान और 25 वर्षीय अनुराग सिंह को कुछ लोग उनके घरों से बुला बागीचे में ले गए। अमन चौहान के भाई पवन चौहान ने बताया कि गोली किसने मारी है। मृतक अनुराग सिंह का उसी के गांव के रहने वाले एक युवक से बात-बात पर लड़ाई हुई थी। इस दौरान हाथापाई भी हुई थी । जिसमें उक्त युवक द्वारा अनुराग सिंह को काफी बुरी तरह मारा पीटा गया था। यह लड़ाई 2024 में हुई थी और अनुराग ने उक्त युवक पर मुकदमा दर्ज कराया था। फिर अनुराग ने कुछ समय बाद उक्त युवक को एवं उसके पिता को मारा पीटा था । तब से यह अदावत चली आ रही थी। इस मामले में विपक्षी युवक ने भी मुकदमा कराया था। इसी को लेकर दोनों के बीच अदावत चली आ रही थी। 18 मार्च को अनुराग के पास उक्त युवक आया और बोला कि हम लोग मुकदमे में सुलह समझौता कर लेते हैं ,लेकिन बात नहीं बनी । तीन दिन बाद अनुराग और अमन की ऊचौरी गांव में स्थित एक बगीचे में दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया गया कि आरोपी युवक अपने ही बाइक पर अमन और अनुराग को बैठा कर बगीचे में लाया और वहां पहले से ही एक बदमाश मौजूद था। फिर किसी बात को लेकर चारों में बात बहस हुई और मौके पर ही अमन और अनुराग को सर में गोली मारकर हत्या कर दी गई । मौके से पुलिस को तीन खोखे बरामद हुए हैं ।
दिल्ली जाने वाले थे अमन और अनुराग
22 तारीख को अनुराग को दिल्ली और अमन को मुंबई जाना था। इसके लिए दोनों ने अपनी तैयारी कर ली थी। मृतक अमन के भाई पवन ने बताया कि दोनों दिल्ली जाने वाले थे।
बौखलाये गांववासियों ने किया बवाल
हत्या के बाद से ही वह भीड़ उग्र हो गई थी। जिस एंबुलेंस में दोनों मृतकों के शव रखे गए थे उस एंबुलेंस के चारों तरफ से ग्रामीणों ने घेर लिया और उच्च अधिकारी क्यों बुलाने की मांग करने लगे। हालांकि एसपी सिटी मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों से अनुरोध किया ,लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद पुलिस अधीक्षक पहुंचे उन्होंने भी लोग से अनुरोध किया फिर भी नहीं माने बाद में जिला पंचायत अध्यक्ष पंकज सिंह पहुंचे एवं वहां पर आक्रोशित परिजन एवं ग्रामीणों को समझाया। तब जाकर एंबुलेंस से शवों को पोस्टमार्टम हाउस के लिए रवाना किया गया।