सैदपुर, गाजीपुर। बहुचर्चित उतौरी डबल मर्डर केस में मृतक अमन चौहान व अनुराग सिंह के पैतृक गांव रामपुर-चिलौरा गांव मंगलवार में पहुंचे करती सेना भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत सिंह उर्फ वीरु ने परिवार के लोगों से मिलकर उन्हें ढाढ़स बंधाया और भरोसा दिया कि न्याय मिलने तक उनके संगठन का संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान मीडिया से रुबरु हुए विक्रांत सिंह वीरु ने खुलेआम पुलिस प्रशासन को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि अमन और अनुराग के हत्यारों का हॉफ नहीं बल्कि फुल एनकांउटर होना चाहिए। दो आरोपितों के हॉफ एनकांउटर में पकड़े जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस केस में हॉफ एनकांउटर कर मृतक के परिजनों के साथ नाइंसाफी की है। मृतक के परिजनों को इंसाफ तभी मिलेगा जब हत्यारों का फुल एनकांउटर हो या फिर उन्हें फांसी की सजा मिले। दोनों परिवारों की माली हालत काफी खराब है। ऐसे में अपने कलेजे के टुकड़ों को खोने का गम उन्हें पूरी तरह से झकझोरकर रख दिया है। दोनों परिवार के लोगों को शासन स्तर से आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना को जघन्य तरीके से अंजाम दिया गया है। इसकी जितनी भी निंदा की जाये वह कम है। दोनों परिवार के लोगों की मदद के लिए वह चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगा यह उनका वादा है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराये ताकि उन्हें एक खरोंच तक नहीं आये। यदि पुलिस प्रशासन ऐसा नहीं करता है तो मजबूरन मुझे आमने-सामने की लड़ाई लड़नी होगी। इसका अंजाम चाहे जो भी हो इसकी मुझे तनिक भी परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि पैर में गोली मारना लॉलीपॉप है। पैर में गोली मारकर यदि पुलिस समझ रही है कि उन्होंने मृतकों के परिजनों को न्याय दे दिया है तो यह गलत है। इस मामले में पुलिस प्रशासन को न्याय दिलाना चाहिए। मैं कही दूर का रहने वाला नहीं हूं, इस बार तो मैं परिवार के लोगों से मिलने आया हूं, यदि न्याय नहीं मिला तो अगली बार अंादोलन के रुप में यहां आऊंगा।