बलरामपुर। गौरा चौराहा क्षेत्र में चौबेपुर गांव के पास 27 फरवरी को हत्या कर फेंकी गयी अज्ञात महिला के शव का राजफाश करने का दावा पुलिस ने किया है। गांव के चौकीदार राजाराम की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शव का पीएम कराया था। पोस्टमॉर्टम में गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई थी। एसपी विकास कुमार लगातार विवेचना की समीक्षा कर रहे थे। पुलिस की सर्विलांस टीम भी आरोपियों की तलाश कर रही थी। मामले की जानकारी देते हुए एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि मृतक महिला शीलम (28) बस्ती जिले की निवासी थी। जिसका प्रेम प्रसंग बस्ती जिले के सोनहा थाना क्षेत्र के लिदबा निवासी सुनील ठाकरे से लगभग तीन वर्षों सै चल रहा था। सुनील सात साल पहले से ही विवाहित है और उसके एक पुत्र भी है। सुनील ने बस्ती में मृतका को एक मकान भी किराए पर दिला रखा था। गुरुवार को सूचना मिली कि अज्ञात महिला की हत्या कर उसका शव फेंकने वाले अपराधी वैगनार कार से शिवाघाट की तरफ से भानपुर मुख्य बाजार सड़क तरफ आ रहे हैं। गौरा चौराहा पुलिस सर्विलांस व स्वाट टीम ने शिवाजी घाट के पास वैगनार को रोका। गाड़ी में सुनील कुमार ठाकरे निवासी चक्का चौराहा थाना सोनहा जनपद बस्ती स्थायी पता ग्राम मसही थाना गौर जनपद बस्ती गोपाल पुत्र घनश्याम निवासी रानीपुर बाबू थाना गौर जनपद बस्ती व जवाहर लाल पुत्र रामबली निवासी बलुआ चौबे थाना गौर जनपद बस्ती बैठे थे। कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होने शीलम को मारने व उसकी लाश चौबेपुर जाने वाली नहर के पास पक्की सड़क पर फेंककर एक्सीडेंट का रूप देने का जुर्म स्वीकार किया। बताया कि शीलम के मोबाइल को दिल्ली जाने वाली ट्रेन में रख दिया था जिससे प्रतीत हो कि वह कहीं कमाने गयी है। अभियुक्तों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चमड़े की बेल्ट स्टोल व एक जोड़ी चप्पल इटवा बांसी मार्ग के पुल के पास झाड़ी से बरामद किया गया। सुनील ने बताया कि उसका शीलम का विगत करीब ढाई वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था शीलम को सुनील ने बस्ती शहर में किराये का कमरा दिलवाया था। कुछ दिनों से शीलम सुनील से शादी करके साथ रखने का दबाव बना रही थी। बदनामी के भय से उसे रास्ते से हटाने का इरादा बना लिया। 25 फरवरी को शीलम को होटल में खाना खिलाने के बहाने पटेल नगर बस्ती के एक रेस्टोरेंट में बुलाया। तीनों ने शीलम के साथ खाना खाना खाने के बाद अधिक रात होने के इंतजार में इधर उधर घूमने लगे। गाड़ी सुनील चला रहा था। राम गोपाल व जवाहर लाल पीछे बैठे थे। और शीलम आगे वाली सीट पर बैठी थी। चलते-चलते सीलम के गले में रामगोपाल ने अपना बेल्ट डालकर कस दिया। जवाहर लाल ने हाथ पकड़ लिया सुनील ने उसका मुंह दबा दिया। उसके बेहोश होने के बाद स्टोल से गला कसकर हम लोगों ने मार डाला। लाश को चौबेपुर जाने वाली नहर के पास पक्की सड़क पर सीधा सीधा लिटाकर एक्सीडेंट का रूप देने के लिए लाश पर वैगन आर कार चढ़ा दी। गाड़ी को वापस मोड़कर इटवा चौराहे से बांसी वाले रोड पर मुड़कर आलाकत्ल छिपा दिया था। एसपी ने पुलिस टीम को पचीस हजार का इनाम देने की घोषणा की है। टीम में
थानाध्यक्ष सतेन्द्र वर्मा उपनिरीक्षक रमन कुमार वर्मा पवन चौहान हेड कांस्टेबल प्रभात यादव विजय कुमार कांस्टेबल रामवृक्ष चौधरी अरविन्द सिंह श्याम बिहारी सचिन शर्मा अभिषेक यादव विनोद कुमार यादव
महिला आरक्षी निकिता त्रिवेदी
स्वाट टीम के प्रभारी निरीक्षक सुधीर सिंह शशांक यादव विशाल द्विवेदी आदर्श सिंह समशेर आलम अश्वनी सिंह सार्विलांस टीम के प्रभारी कर्मवीर सिंह शिवसागर अखिलेश श्यामजी शुक्ला अंकित कुमार शामिल रहे।