गाजीपुर। दुर्दांत अपराधी अनुज कन्नौजिया की पत्नी रीना राय को झारखंड प्रांत के जमशेदपुर टाटा नगर में लोग ‘लेडी डॉन’ के नाम से जानते है। अनुज के लगातार जेल में रहने के दौरान उसके नेटवर्क को उसकी पत्नी रीना राय ही चलाती थी। सूत्र बताते है कि रंगदारी से लेकर वसूली तक का पूरा काम रीना राय की निगरानी में होता था। अनुज के शूटर रीना राय और उसके बच्चों के ईंद-गिर्द हमेशा मौजूद रहते थे। रीना राय के पास पांच लग्जरी चार पहिया वाहन है। बच्चों को घर से स्कूल ले जाने के लिए अगल गाड़ी आती थी। रीना राय को जब कही जाना होता था तो अनुज के शूटर उसे दूसरी गाड़ी से ले जाते और ले आते थे। करीब दो वर्ष पूर्व मऊ जिले में तैनात पुलिस के एक अधिकारी ने विवेचना के दौरान अनुज की पत्नी रीना राय की सक्रिया से जुड़े सभी बिंदुओं को खंगाल कर उसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दी थी। रीना राय मूलतः मुख्तार अंसारी के पैतृक गांव की निवासिनी है। उसके पिता दुल्लहपुर थाना क्षेत्र में अमीन के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने एक छोटा सा मकान वहां बनवा लिया था। मऊ के बहुचर्चित सरसेना हत्याकांड के बाद चर्चा में आये अनुज कन्नौजिया से रीना राय की आंखे चार हो गई और दोनों ने एक साथ जीने मरने की कसम खाई। इस दौरान वर्ष 2007 में दुल्लहपुर बाजार के ही एक पीसीओ संचालक ने रीना राय के साथ छेड़खानी की थी। इस बात की लेकर अनुज ने उक्त पीसीओ संचालक की दिनहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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अनुज के एक बेटे के शरीर पर है ‘सफेद दाग’
पुलिस सूत्रों के अनुसार अनुज कन्नौजिया के दो बेटे है। जिसमें से एक को ‘सफेद दाग’ का रोग भी है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब करीब दो वर्ष पूर्व मऊ क्राइम ब्रांच की टीम रीना राय और उसके सगे भाई यानि अनुज के साले को जमशेदपुर से पकड़कर पूछताछ के लिए लाई थी। तत्कालीन क्राइम ब्रांच की टीम को पता था कि अनुज जमशेदपुर में ही छिपा हुआ है। इसलिए दो दिनों तक क्राइम ब्रांच की टीम रीना और उसके भाई को हिरासत में रखे हुए थी। पूछताछ के दौरान रीना राय ने ही बताया था कि उसके एक बेटे को ‘सफेद दाग’ का रोग है।