गाजीपुर। आईएस (191) गैंग का सरगना मुख्तार अंसारी कभी भी नहीं चाहता था कि उसका सबसे करीबी शार्प शूटर अनुज कन्नौजिया जिंदा हालत में पुलिस या फिर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के हत्थे चढ़े। इसके लिए उसने जेल में रहने के दौरान भी अनुज से सम्पर्क बनाये रखा और उसे हमेशा बचकर रहने का दिशा-निर्देश देता था। जब मुख्तार अंसारी पंजाब की जेल में था उस वक्त भी फारी काट रहा उसका खास शूटर अनुज कन्नौजिया उसके ईंद-गिर्द ही रहता था। अपराध जगत से जुड़े सूत्र बताते है कि पूर्वांचल समेत पंजाब व हरियाणा और झारखंड में हुए कई सनसनीखेज हत्याकांडों में अप्रत्यक्ष रुप से आईएस (191) गैंग का हाथ रहा। इन सभी जगहों पर अनुज कन्नौजिया ने दर्जनों घटनाओं को अंजाम दिया था। कुछ में उसका नाम सामने आया, लेकिन कई घटनाओं में प्रत्यक्ष रुप से शामिल होने के बाद भी पुलिस ने उसका नाम प्रकाश में नहीं लाया। इन सभी घटनाओं के पीछे जो मास्टरमाइंड था उसकी के इशारे पर अनुज घटनाओं को अंजाम देता रहा। ऐसे में स्वाभाविक है कि मास्टरमाइंड कभी भी नहीं चाहेगा कि उसका हमराज शूटर जिंदा हालत में पुलिस या फिर एसटीएफ के हत्थे चढ़े। अपराध जगत से जुड़े सूत्रों ने यह भी बताया कि मुख्तार अंसारी को अपने शूटर अनुज पर पूरा भरोसा था। जेल में रहने के दौरान मुख्तार से जुड़े कई प्रांतों के अवैध कारोबार को अनुज ही सम्भालता था। मुख्तार के लखनऊ जेल में बंद रहने के दौरान अनुज कन्नौजिया एक-दो बार नहीं बल्कि दर्जनों बार उससे मिलने पहुंचा था। अनुज कन्नौजिया के एनकाउंटर के बाद मुख्तार अंसारी के साम्राज्य से जुड़े कई राज उसके सीने में दफन हो गये है।