- पत्नी, भाई, साले और कुछ अन्य करीबियों के नाम से खरीदता था अचल सम्पत्ति
गाजीपुर। पिछले करीब दो दशक से अपराध जगत में भूचाल मचाने वाले कुख्यात अपराधी अनुज कन्नौजिया अपराध जगत से अर्जित किये धन का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा पोस्ट ऑफिस की अलग-अलग शाखाओं में लगाता था। कभी अपने मां तो कभी पिता हनुमान कन्नौजिया और भाई विनोद कन्नौजिया के साथ ही अपनी पत्नी पत्नी रीना राय के नाम से ‘किसान विकास पत्र’ खरीदता था। इसका खुलासा वर्ष 2007 में उस वक्त हुआ जब अनुज ने अपने साथियों के साथ मिलकर कासिमाबाद थाना क्षेत्र में बैक की कैश वैन को लूट लिया था। इस दौरान बदमाशों की ओर से लाई गई गोली से बैंक के दो गार्ड समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। उस वक्त अनुज और उसके गैंग के लोगों ने बैंक का करीब दस लाख रुपये लूटे थे। तत्कालीन एसपी एंटनी देवकुमार व एएसपी सिटी एके जैन ने सक्रियता दिखाई और कुछ ही दिनों में अनुज को ट्रेस कर लिया था। उस वक्त अनुज के घर पर दबिश पड़ी थी जहां से पुलिस ने करीब दो लाख रुपये के ‘किसान विकास पत्र’ बरामद किया था। अनुज के पकड़े जाने के बाद पूछताछ में उसने बताया था कि लूट के दौरान बरामद हुए रुपयों का एक हिस्सा वह पोस्ट आफिस के किसी भी ब्रांच से ‘किसान विकास पत्र’ खरदकर उसे घर में रख देता है ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसके घर वाले उसे बेचकर अपना काम चला सके। इसके अलावा अनुज अपने काले धन को अचल सम्पत्ति खरीदने में लगाता था। उसका यह काम उसकी पत्नी रीना राय और पुराने साथी रामू मल्लाह निवासह सिकंदरपुर थाना शहर कोतवाली करते थे। वर्तमान में सम्भवतः रामू मल्लाह देवरिया जेल में बंद है। अनुज की तरह ही रामू भी मुख्तार अंसारी का शार्प शूटर है, लेकिन मुख्तार अंसारी जितना अनुज पर भरोसा करता था उतना भरोसा वह रामू मल्लाह पर नहीं करता था। सूत्रों के मुताबिक अनुज ने पंजाब समेत मऊ, आजमगढ़ व पूर्वांचल के कई जिलों में अपनी पत्नी, भाई, साले और कुछ अन्य करीबियों के नाम से अचल सम्पत्ति खरीदी है।